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मदरसों को हाईटेक बनाने के लिए एमडीए ने की पहल
Updated Mon, 09 Apr 2018 11:12 PM IST
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मदरसों को हाईटेक बनाने के लिए एमडीए ने की पहल
देशभर में मदरसों को हाईटेक बनाने की शुरुआत का असर नूंह जिले में जल्दी ही दिखाई देने जा रहा है। इस सिलसिले में अगले सप्ताह मेवात विकास अभिकरण (एमडीए) मदरसों के साथ बैठक करने जा रही है। इस बात का खुलासा एमडीए के चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने किया। वह सोमवार को क्षतिग्रस्त मदरसा जामिया मादिनुल उलूम झिमरावट में जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मदरसे के विद्यार्थियों को भी संबोधित किया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि मदरसे को लाखों का नुकसान हुआ है। पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसलिए मदरसा सोसाइटी प्रपोजल बनाकर भेजे, नुकसान के हिसाब से एमडीए भरपाई करेगा। अगले सप्ताह मदरसा संचालकों के साथ एक बैठक का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मदरसों को तालीम देने के आधुनिक तरीके कंप्यूटर शिक्षा, लाइब्रेरी, लैब, आधुनिक रूम बनाने जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा। यही नहीं जो मदरसे आर्थिक तंगी झेल रहे हैं उन्हें भी मदद देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
जामिया मादिनुल उलूम मदरसे के संचालक मौलाना इलियास खां ने कहा कि प्रत्येक वर्ष इस मदरसे से 50 से ज्यादा मौलवी और हाफिज पढ़कर निकलते है। यहां पर हिंदी-इंग्लिश, उर्दू, फारसी अरबी की पूरी तालीम दी जाती है। इस बात पर एमडीए के चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने कहा कि मदरसों के रखरखाव को और बेहतर बनाने के अलावा छात्र और शिक्षकों के लिए बेहतर सुविधाएं देने पर केंद्र और हरियाणा की सरकार पूरा सहयोग करेगी। जितने भी मदरसे हैं उन्हें एक मंच पर लाकर एक बड़ा सम्मेलन किया जा रहा है। इस अवसर पर मौलाना जमालुदीन उंचा, मौलाना हसन खां व अन्य मदरसों से पहुंच उलेमा भी मौजूद रहे।
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फोटोऱ् झिमरावट मदरसा में विद्यार्थियों को संबोधित करते एडीए चेयरमैन
खुर्शीद राजाका।
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देशभर में मदरसों को हाईटेक बनाने की शुरुआत का असर नूंह जिले में जल्दी ही दिखाई देने जा रहा है। इस सिलसिले में अगले सप्ताह मेवात विकास अभिकरण (एमडीए) मदरसों के साथ बैठक करने जा रही है। इस बात का खुलासा एमडीए के चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने किया। वह सोमवार को क्षतिग्रस्त मदरसा जामिया मादिनुल उलूम झिमरावट में जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मदरसे के विद्यार्थियों को भी संबोधित किया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि मदरसे को लाखों का नुकसान हुआ है। पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसलिए मदरसा सोसाइटी प्रपोजल बनाकर भेजे, नुकसान के हिसाब से एमडीए भरपाई करेगा। अगले सप्ताह मदरसा संचालकों के साथ एक बैठक का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मदरसों को तालीम देने के आधुनिक तरीके कंप्यूटर शिक्षा, लाइब्रेरी, लैब, आधुनिक रूम बनाने जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा। यही नहीं जो मदरसे आर्थिक तंगी झेल रहे हैं उन्हें भी मदद देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
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जामिया मादिनुल उलूम मदरसे के संचालक मौलाना इलियास खां ने कहा कि प्रत्येक वर्ष इस मदरसे से 50 से ज्यादा मौलवी और हाफिज पढ़कर निकलते है। यहां पर हिंदी-इंग्लिश, उर्दू, फारसी अरबी की पूरी तालीम दी जाती है। इस बात पर एमडीए के चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने कहा कि मदरसों के रखरखाव को और बेहतर बनाने के अलावा छात्र और शिक्षकों के लिए बेहतर सुविधाएं देने पर केंद्र और हरियाणा की सरकार पूरा सहयोग करेगी। जितने भी मदरसे हैं उन्हें एक मंच पर लाकर एक बड़ा सम्मेलन किया जा रहा है। इस अवसर पर मौलाना जमालुदीन उंचा, मौलाना हसन खां व अन्य मदरसों से पहुंच उलेमा भी मौजूद रहे।
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फोटोऱ् झिमरावट मदरसा में विद्यार्थियों को संबोधित करते एडीए चेयरमैन
खुर्शीद राजाका।
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