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अमर उजाला संवाद--मालिकाना हक तो मिले, लेकिन न बढ़ें समस्याएं
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:24 AM IST
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अमर उजाला संवाद
मालिकाना हक मिले, लेकिन समस्याएं न बढ़ें
सेक्टर-46 के लोगों की मांग, संपत्ति फ्री होल्ड मामले में जनता की शंकाएं दूर होनी चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। लाखों, करोड़ों रुपये खर्च कर लोगों ने नोएडा में आशियाना तो बनाया, लेकिन मालिकाना हक आज तक नहीं मिला। फ्री होल्ड की मांग ने जब जन आंदोलन का रूप लिया तो प्राधिकरण से लेकर शासन तक हरकत में आया। रिहायशी संपत्ति को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव बोर्ड से पास कर शासन को भेजने की तैयारी है, लेकिन सेक्टर-46 के निवासियों को डर है कि कहीं इसके नाम पर जनता की परेशानी न बढ़ जाए।
संवाद के तहत सेक्टर-46 की आरडब्ल्यूए ने मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। निवासियों का कहना है कि फ्री होल्ड संपत्ति के मामले में शहरवासियों के सुझाव लिए जाएं। जनता के मन में कई शंकाएं हैं, उन्हें दूर किये बिना कोई फैसला लेना गलत होगा। अध्यक्ष टीसी गौड़ ने कहा कि शहर में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। संपत्ति फ्री होल्ड होती है तो जमीन की रजिस्ट्री फ्लोर वाइज होगी। आबादी का दबाव ज्यादा बढ़ेगा। साथ ही मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने व यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत होगी। व्यवस्था नगर निगम की तरह होगी या फिर प्राधिकरण के हाथ में ही शहर की बागडोर होगी, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। निवासियों की मांग है कि फ्री होल्ड के नाम पर जनता की जेब पर बोझ न डाला जाए, क्योंकि जिन लोगों ने शहर में संपत्ति खरीदी है उन्होंने 90 साल की वन टाइम लीज दे दी है।
आरडब्ल्यूए को मिलें अधिकार
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का चयन भी वोट के माध्यम से किया जाता है, लेकिन न उनके पास शक्तियां होती हैं और न ही अधिकार। यही वजह है कि सेक्टरों में तमाम समस्याओं से निवासी लंबे समय तक जूझते रहते हैं। फंड की कमी से छोटे-छोटे काम के लिए भी नोएडा प्राधिकरण की मेहरबानी का इंतजार करना पड़ता है। उनका कहना है कि आरडब्ल्यूए को अधिकार मिलने चाहिए। सेक्टर के रखरखाव के लिए सभी संपत्ति मालिकों को निर्धारित शुल्क की अदायगी के लिए नियम बनाना चाहिए।
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रामलीला में सुरक्षा व्यवस्था की अपील
पहली बार सेक्टर-46 में रामलीला होने जा रही है। आरडब्ल्यूए ने पुलिस से मांग की है कि सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करें। कानून व्यवस्था न बिगड़े। पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। 10 अक्तूबर से रामलीला शुरू होने जा रही है।
फ्री होल्ड हमारी प्रमुख मांग है, लेकिन पहले शहरवासियों की राय लेनी चाहिए। बेवजह परेशानी न बढ़ जाए। आरडब्ल्यूए को जिम्मेदारी के साथ शक्तियां भी मिलना जरूरी है।
टीसी गौड़, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
जनता सांसद और विधायक को वोट देकर चुनती है तो उनके पास तमाम अधिकार आ जाते हैं। लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत ही सेक्टरों में आरडब्ल्यूए का गठन होता है, लेकिन अधिकार नहीं मिलते। इन्हें प्रभावी बनाना होगा।
राजीव अग्रवाल, महासचिव आरडब्ल्यूए
संपत्ति फ्री होल्ड होना ठीक है, ऐसा होने के बाद शहर स्लम में न बदल जाए। पुख्ता व्यवस्था बननी चाहिए। विकास के नाम पर शहरवासियों के पैसे का दुरुपयोग आज तक हुआ है, अब ऐसा नहीं होना चाहिए।
नरेश कुच्छल, स्थानीय निवासी
आज सेक्टर-45 जाएगी टीम
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के तहत आज शनिवार को अमर उजाला की टीम सेक्टर-45 पहुंचेगी। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा व उनकी टीम के साथ सेक्टर की समस्याओं पर बात की जाएगी।
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मालिकाना हक मिले, लेकिन समस्याएं न बढ़ें
सेक्टर-46 के लोगों की मांग, संपत्ति फ्री होल्ड मामले में जनता की शंकाएं दूर होनी चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। लाखों, करोड़ों रुपये खर्च कर लोगों ने नोएडा में आशियाना तो बनाया, लेकिन मालिकाना हक आज तक नहीं मिला। फ्री होल्ड की मांग ने जब जन आंदोलन का रूप लिया तो प्राधिकरण से लेकर शासन तक हरकत में आया। रिहायशी संपत्ति को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव बोर्ड से पास कर शासन को भेजने की तैयारी है, लेकिन सेक्टर-46 के निवासियों को डर है कि कहीं इसके नाम पर जनता की परेशानी न बढ़ जाए।
संवाद के तहत सेक्टर-46 की आरडब्ल्यूए ने मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। निवासियों का कहना है कि फ्री होल्ड संपत्ति के मामले में शहरवासियों के सुझाव लिए जाएं। जनता के मन में कई शंकाएं हैं, उन्हें दूर किये बिना कोई फैसला लेना गलत होगा। अध्यक्ष टीसी गौड़ ने कहा कि शहर में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। संपत्ति फ्री होल्ड होती है तो जमीन की रजिस्ट्री फ्लोर वाइज होगी। आबादी का दबाव ज्यादा बढ़ेगा। साथ ही मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने व यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत होगी। व्यवस्था नगर निगम की तरह होगी या फिर प्राधिकरण के हाथ में ही शहर की बागडोर होगी, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। निवासियों की मांग है कि फ्री होल्ड के नाम पर जनता की जेब पर बोझ न डाला जाए, क्योंकि जिन लोगों ने शहर में संपत्ति खरीदी है उन्होंने 90 साल की वन टाइम लीज दे दी है।
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आरडब्ल्यूए को मिलें अधिकार
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का चयन भी वोट के माध्यम से किया जाता है, लेकिन न उनके पास शक्तियां होती हैं और न ही अधिकार। यही वजह है कि सेक्टरों में तमाम समस्याओं से निवासी लंबे समय तक जूझते रहते हैं। फंड की कमी से छोटे-छोटे काम के लिए भी नोएडा प्राधिकरण की मेहरबानी का इंतजार करना पड़ता है। उनका कहना है कि आरडब्ल्यूए को अधिकार मिलने चाहिए। सेक्टर के रखरखाव के लिए सभी संपत्ति मालिकों को निर्धारित शुल्क की अदायगी के लिए नियम बनाना चाहिए।
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रामलीला में सुरक्षा व्यवस्था की अपील
पहली बार सेक्टर-46 में रामलीला होने जा रही है। आरडब्ल्यूए ने पुलिस से मांग की है कि सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करें। कानून व्यवस्था न बिगड़े। पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। 10 अक्तूबर से रामलीला शुरू होने जा रही है।
फ्री होल्ड हमारी प्रमुख मांग है, लेकिन पहले शहरवासियों की राय लेनी चाहिए। बेवजह परेशानी न बढ़ जाए। आरडब्ल्यूए को जिम्मेदारी के साथ शक्तियां भी मिलना जरूरी है।
टीसी गौड़, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
जनता सांसद और विधायक को वोट देकर चुनती है तो उनके पास तमाम अधिकार आ जाते हैं। लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत ही सेक्टरों में आरडब्ल्यूए का गठन होता है, लेकिन अधिकार नहीं मिलते। इन्हें प्रभावी बनाना होगा।
राजीव अग्रवाल, महासचिव आरडब्ल्यूए
संपत्ति फ्री होल्ड होना ठीक है, ऐसा होने के बाद शहर स्लम में न बदल जाए। पुख्ता व्यवस्था बननी चाहिए। विकास के नाम पर शहरवासियों के पैसे का दुरुपयोग आज तक हुआ है, अब ऐसा नहीं होना चाहिए।
नरेश कुच्छल, स्थानीय निवासी
आज सेक्टर-45 जाएगी टीम
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के तहत आज शनिवार को अमर उजाला की टीम सेक्टर-45 पहुंचेगी। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा व उनकी टीम के साथ सेक्टर की समस्याओं पर बात की जाएगी।