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आयुष्मान भारत रोजगार योजना के नाम पर 3423 छात्र-छात्राओं से ठगी
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नोएडा। आयुष्मान भारत रोजगार योजना के नाम पर प्रदेश के 3423 छात्र-छात्राओं को खेल व योग शिक्षक की नौकरी का झांसा देकर ठगने के आरोप का मामला सामने आया है। एनजीओ ने प्रति अभ्यर्थी 1.55 लाख रुपये वसूले और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। इस मामले में एक महिला अभ्यर्थी की शिकायत पर कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने एनजीओ के चेयरमैन, ट्रस्टी समेत छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के मुताबिक, मऊ निवासी श्वेता सिंह का आरोप है कि सेक्टर-63 में आयुष्मान भारत योग एवं प्रशिक्षण शिक्षण संस्थान है। इस एनजीओ के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए दिसंबर 2019 में 2276 और 2021 में 1147 शिक्षकों की भर्ती निकाली गई। अभ्यर्थियों से कहा गया कि गृह जनपद में ही तैनाती होगी। प्रवेश शुल्क के नाम पर सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए 380 रुपये और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 280 रुपये लिए गए। इसके बाद अभ्यर्थियों का टेस्ट लिया और काउंसिलिंग के लिए सभी से 500-500 रुपये वसूले गए। इसकेे बाद प्रति अभ्यर्थी 1.55 लाख रुपये मांगे गए। पैसे मिलने के बाद छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र मिल गया। जब अभ्यर्थियों ने उन स्कूलों में जाकर नियुक्ति पत्र दिया तो पता चला कि यह फर्जी है। इसके बाद जब पैसे वापस मांगे गए तो जान से मारने की धमकी दी जाने लगी।
इन पर दर्ज हुआ मामला
इस मामले में वाराणसी, बलिया, लखनऊ, कन्नौज, मुरादाबाद, गाजियाबाद आदि के बीस से अधिक अभ्यर्थियों ने भी अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार से शिकायत की है। इस मामले में कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने एनजीओ के चेयरमैन दामोदर कुमार शर्मा, ट्रस्टी संजय चौधरी, फाउंडर विपुल, प्रेसिडेंट साद अब्बासी और टेक्निकल हेड विनीत गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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तीन आरोपियों को छोड़ने का पुलिस पर आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 25 मार्च को जब दर्जनों की संख्या में पीड़ित सेक्टर-69 ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी पर जमा हुए और पुलिस से शिकायत की तो तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और छोड़ दिया।
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पुलिस के मुताबिक, मऊ निवासी श्वेता सिंह का आरोप है कि सेक्टर-63 में आयुष्मान भारत योग एवं प्रशिक्षण शिक्षण संस्थान है। इस एनजीओ के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए दिसंबर 2019 में 2276 और 2021 में 1147 शिक्षकों की भर्ती निकाली गई। अभ्यर्थियों से कहा गया कि गृह जनपद में ही तैनाती होगी। प्रवेश शुल्क के नाम पर सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए 380 रुपये और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 280 रुपये लिए गए। इसके बाद अभ्यर्थियों का टेस्ट लिया और काउंसिलिंग के लिए सभी से 500-500 रुपये वसूले गए। इसकेे बाद प्रति अभ्यर्थी 1.55 लाख रुपये मांगे गए। पैसे मिलने के बाद छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र मिल गया। जब अभ्यर्थियों ने उन स्कूलों में जाकर नियुक्ति पत्र दिया तो पता चला कि यह फर्जी है। इसके बाद जब पैसे वापस मांगे गए तो जान से मारने की धमकी दी जाने लगी।
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इन पर दर्ज हुआ मामला
इस मामले में वाराणसी, बलिया, लखनऊ, कन्नौज, मुरादाबाद, गाजियाबाद आदि के बीस से अधिक अभ्यर्थियों ने भी अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार से शिकायत की है। इस मामले में कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने एनजीओ के चेयरमैन दामोदर कुमार शर्मा, ट्रस्टी संजय चौधरी, फाउंडर विपुल, प्रेसिडेंट साद अब्बासी और टेक्निकल हेड विनीत गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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तीन आरोपियों को छोड़ने का पुलिस पर आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 25 मार्च को जब दर्जनों की संख्या में पीड़ित सेक्टर-69 ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी पर जमा हुए और पुलिस से शिकायत की तो तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और छोड़ दिया।