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प्रदूषण फैलाने पर बंद हो सकती है पंखा कंपनी
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प्रदूषण फैलाने पर बंद हो सकती है पंखा कंपनी
फरीदाबाद। पंखे बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी की सेक्टर-6 स्थित यूनिट प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर बंद हो सकती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने यूनिट बंद करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट सरकार को संस्तुति के लिए भेजी है। बोर्ड ने शहर की पांच अन्य यूनिटों को भी नोटिस जारी किया है, सही जवाब नहीं मिलने पर इनको भी बंद किए जाने की संस्तुति सरकार से की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि शिकायत मिली थी कि पंखा बनाने वाली एक बड़ी इलेक्ट्रिकल कंपनी की सेक्टर 6 स्थित इकाई इस्तेमाल के बाद दूषित पानी बिना शोधन के ही सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ रही है। जांच में पाया गया कि कंपनी में पानी शोधित करने वाले सीवर उपचार संयंत्र (एसटीपी) का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। दूषित पानी टैंकरों के जरिये सेक्टर 6 में ही सार्वजनिक स्थानों पर डलवाया जा रहा है, इससे क्षेत्र का भूजल प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद अब इकाई को बंद करने की सिफारिश सरकार से की गई है। सरकार से संस्तुति मिलते ही यूनिट को बंद कर सील करवा दिया जाएगा।
छह टीमों ने पांच इकाइयां और एक होटल पकड़ा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि शहर में 14 से 16 दिसंबर के बीच वायु, जल या मृदा प्रदूषण फैलाने वाली यूनिटों के खिलाफ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत बोर्ड की छह टीमों को शहर में पांच इकाइयां ऐसी मिलीं, जो बोर्ड की स्वीकृति और लाइसेंस के बिना चल रही थीं। इनमें नहर पार स्थित दो इकाइयां, डबुआ कॉलोनी में एक, डीएलएफ फेज टू में एक और एनआईटी, रेलवे रोड में एक इकाई हैं। इन इकाइयों को एक सप्ताह में बंद किए जाने का नोटिस बोर्ड की ओर से जारी किया गया है। एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब न मिला तो उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नीलम बाटा रोड स्थित तीन सितारा एक होटल का भी अशोधित पानी सार्वजनिक स्थान पर निस्तारित किया जा रहा था। पानी का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया, यदि नमूने में दूषित पानी पाया गया तो होटल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फरीदाबाद। पंखे बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी की सेक्टर-6 स्थित यूनिट प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर बंद हो सकती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने यूनिट बंद करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट सरकार को संस्तुति के लिए भेजी है। बोर्ड ने शहर की पांच अन्य यूनिटों को भी नोटिस जारी किया है, सही जवाब नहीं मिलने पर इनको भी बंद किए जाने की संस्तुति सरकार से की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि शिकायत मिली थी कि पंखा बनाने वाली एक बड़ी इलेक्ट्रिकल कंपनी की सेक्टर 6 स्थित इकाई इस्तेमाल के बाद दूषित पानी बिना शोधन के ही सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ रही है। जांच में पाया गया कि कंपनी में पानी शोधित करने वाले सीवर उपचार संयंत्र (एसटीपी) का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। दूषित पानी टैंकरों के जरिये सेक्टर 6 में ही सार्वजनिक स्थानों पर डलवाया जा रहा है, इससे क्षेत्र का भूजल प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद अब इकाई को बंद करने की सिफारिश सरकार से की गई है। सरकार से संस्तुति मिलते ही यूनिट को बंद कर सील करवा दिया जाएगा।
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छह टीमों ने पांच इकाइयां और एक होटल पकड़ा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि शहर में 14 से 16 दिसंबर के बीच वायु, जल या मृदा प्रदूषण फैलाने वाली यूनिटों के खिलाफ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत बोर्ड की छह टीमों को शहर में पांच इकाइयां ऐसी मिलीं, जो बोर्ड की स्वीकृति और लाइसेंस के बिना चल रही थीं। इनमें नहर पार स्थित दो इकाइयां, डबुआ कॉलोनी में एक, डीएलएफ फेज टू में एक और एनआईटी, रेलवे रोड में एक इकाई हैं। इन इकाइयों को एक सप्ताह में बंद किए जाने का नोटिस बोर्ड की ओर से जारी किया गया है। एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब न मिला तो उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नीलम बाटा रोड स्थित तीन सितारा एक होटल का भी अशोधित पानी सार्वजनिक स्थान पर निस्तारित किया जा रहा था। पानी का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया, यदि नमूने में दूषित पानी पाया गया तो होटल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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