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सरकार नहीं सुनती करना पडता है मजबूरन धरना: पूर्व चेयरमैन
Updated Sun, 15 Jul 2018 06:16 PM IST
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...इसलिए धरने पर बैठना मजबूरी है
नगीना। जो ब्लॉक विकास में मेवात का सबसे अग्रणी था आज उसकी हालत सबसे खस्ताहाल
क्यों हो गई? यह सवाल रह रहकर हमें सताता है और इसलिए धरने पर बैठना
हमारी मजबूरी हो गई है। ब्लॉक पंचायत समिति नगीना के पूर्व उप चेयरमैन उस्मान दुर्रानी ने धरने में चौथे दिन यह कहकर अपनी भडास निकाली।
बड़कली चौक पर आरटीआई मंच के सहयोग से
क्षेत्रवासियों के धरने में उन्होंने कहा कि नगीना को आज भी मेवात की
राजधानी माना जाता है। इसके बावजूद भी नगीना ब्लॉक
मेवात के सभी ब्लॉकों से विकास के मामले में पिछड़ चुका है। वहीं समाजसेवी इमरान चीकू ने कहा कि
मौजूदा सरकार और पिछली सरकारों के अन्याय का दंश नगीना क्षेत्र झेल रहा
है। लोगों की जायज मांगों पर भी सरकार विचार नहीं
करती है। आरटीआई मंच संयोजक ने कहा कि 4 दिन से लोग
धरनेे पर हैं और सरकार का कोई नुमाइंदा बात नहीं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा
विधायक को तो कम से कम लोगों की आवाज सुननी चाहिए। इस अवसर पर शिक्षाविद् सैफी
मौहम्मद, महमूद राजाका, नसीम, इकबाल जैताका, कय्युम नगीना, इलाही, हाकम
जलालपुर, अरशद, मंजूर घागस समेत बड़ी संख्या में लोग धरने को समर्थन
देने पहुंचे।
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नगीना। जो ब्लॉक विकास में मेवात का सबसे अग्रणी था आज उसकी हालत सबसे खस्ताहाल
क्यों हो गई? यह सवाल रह रहकर हमें सताता है और इसलिए धरने पर बैठना
हमारी मजबूरी हो गई है। ब्लॉक पंचायत समिति नगीना के पूर्व उप चेयरमैन उस्मान दुर्रानी ने धरने में चौथे दिन यह कहकर अपनी भडास निकाली।
बड़कली चौक पर आरटीआई मंच के सहयोग से
क्षेत्रवासियों के धरने में उन्होंने कहा कि नगीना को आज भी मेवात की
राजधानी माना जाता है। इसके बावजूद भी नगीना ब्लॉक
मेवात के सभी ब्लॉकों से विकास के मामले में पिछड़ चुका है। वहीं समाजसेवी इमरान चीकू ने कहा कि
मौजूदा सरकार और पिछली सरकारों के अन्याय का दंश नगीना क्षेत्र झेल रहा
है। लोगों की जायज मांगों पर भी सरकार विचार नहीं
करती है। आरटीआई मंच संयोजक ने कहा कि 4 दिन से लोग
धरनेे पर हैं और सरकार का कोई नुमाइंदा बात नहीं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा
विधायक को तो कम से कम लोगों की आवाज सुननी चाहिए। इस अवसर पर शिक्षाविद् सैफी
मौहम्मद, महमूद राजाका, नसीम, इकबाल जैताका, कय्युम नगीना, इलाही, हाकम
जलालपुर, अरशद, मंजूर घागस समेत बड़ी संख्या में लोग धरने को समर्थन
देने पहुंचे।