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Noida News: 2025 रहा क्लीन एयर ईयर, सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता दर्ज
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-पिछले 8 सालों में इस साल जनवरी से अक्तूबर तक सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता दर्ज
नितिन राजपूत
नई दिल्ली। राजधानी में जहरीली हवा के बीच दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बताया है कि साल 2025 में जनवरी से अक्तूबर तक दिल्ली ने पिछले 8 साल 2018–2025 में अपनी सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता दर्ज की है। कोरोना लॉकडाउन वाले वर्ष 2020 को छोड़ दें तो यह दिल्ली का अब तक का सबसे साफ-सुथरा साल साबित हुआ है।
आयोग के अनुसार, इस साल जनवरी से अक्तूबर तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 170 रहा है। यह पिछले साल 2024 के 184 और 2023 के 172 से भी बेहतर है। 2018 में यह 201 था, यानी दिल्ली की हवा ने 8 साल में करीब 15 फीसदी तक सुधार दिखाया है। सबसे बड़ी राहत यह रही कि 2025 में अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब हवा का स्तर 400 से ऊपर यानी गंभीर या गंभीर श्रेणी में गया हो। पिछले वर्षों में यह आंकड़ा 2024 में 3 दिन, 2023 में 3 दिन, 2022 में 1 दिन, 2021 में 6 दिन, 2019 में 9 दिन और 2018 में 7 दिन रहा। इस साल दिल्ली में 79 दिन ऐसे रहे जब हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही। यानी लोगों ने बिना किसी दिक्कत के खुले में सांस ली है। यह आंकड़ा भी 2020 के लॉकडाउन को छोड़कर पिछले सभी वर्षों से बेहतर है।
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पीएम2.5 और पीएम10 में भी बड़ी गिरावट
हवा में मौजूद बारीक कणों पीएम2.5 का स्तर भी 2018 के बाद सबसे कम दर्ज किया गया। पीएम2.5 औसत 72 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। 2024 में 83 और 2018 में 93 था। इसी तरह, धूल के बड़े कणों पीएम10 का स्तर भी घटकर 166 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया, जो 2018 के 216 से काफी बेहतर है। सितंबर-अक्तूबर के दौरान मौसम की परिस्थितियां आमतौर पर हवा को खराब करती हैं, लेकिन इस बार हवा का स्तर अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा। सीएक्यूएम का कहना है कि यह सुधार विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों, जैसे निर्माण स्थलों की निगरानी, वाहनों से उत्सर्जन नियंत्रण, और पराली प्रबंधन जैसी पहलों का परिणाम है।
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नितिन राजपूत
नई दिल्ली। राजधानी में जहरीली हवा के बीच दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बताया है कि साल 2025 में जनवरी से अक्तूबर तक दिल्ली ने पिछले 8 साल 2018–2025 में अपनी सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता दर्ज की है। कोरोना लॉकडाउन वाले वर्ष 2020 को छोड़ दें तो यह दिल्ली का अब तक का सबसे साफ-सुथरा साल साबित हुआ है।
आयोग के अनुसार, इस साल जनवरी से अक्तूबर तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 170 रहा है। यह पिछले साल 2024 के 184 और 2023 के 172 से भी बेहतर है। 2018 में यह 201 था, यानी दिल्ली की हवा ने 8 साल में करीब 15 फीसदी तक सुधार दिखाया है। सबसे बड़ी राहत यह रही कि 2025 में अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब हवा का स्तर 400 से ऊपर यानी गंभीर या गंभीर श्रेणी में गया हो। पिछले वर्षों में यह आंकड़ा 2024 में 3 दिन, 2023 में 3 दिन, 2022 में 1 दिन, 2021 में 6 दिन, 2019 में 9 दिन और 2018 में 7 दिन रहा। इस साल दिल्ली में 79 दिन ऐसे रहे जब हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही। यानी लोगों ने बिना किसी दिक्कत के खुले में सांस ली है। यह आंकड़ा भी 2020 के लॉकडाउन को छोड़कर पिछले सभी वर्षों से बेहतर है।
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पीएम2.5 और पीएम10 में भी बड़ी गिरावट
हवा में मौजूद बारीक कणों पीएम2.5 का स्तर भी 2018 के बाद सबसे कम दर्ज किया गया। पीएम2.5 औसत 72 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। 2024 में 83 और 2018 में 93 था। इसी तरह, धूल के बड़े कणों पीएम10 का स्तर भी घटकर 166 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया, जो 2018 के 216 से काफी बेहतर है। सितंबर-अक्तूबर के दौरान मौसम की परिस्थितियां आमतौर पर हवा को खराब करती हैं, लेकिन इस बार हवा का स्तर अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा। सीएक्यूएम का कहना है कि यह सुधार विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों, जैसे निर्माण स्थलों की निगरानी, वाहनों से उत्सर्जन नियंत्रण, और पराली प्रबंधन जैसी पहलों का परिणाम है।
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