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छंटाई के नाम पर पेड़ में एक भी पती नहीं छोड़ी
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:15 AM IST
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बिना इजाजत मनमर्जी से कटवा रहे पेड़
गामा सेकेंड और बीटा वन में सारे पत्ते ही हटवाए, सूखने के कगार पर वृक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। घर के आगे हरियाली को लोग खुद ही खत्म करा रहे हैं। घर में सीधी धूप के लिए पेड़ों की छंटाई बिना किसी अनुमति के कराई जा रही है। लोग छंटाई भी ऐसी करा रहे हैं कि पेड़ पर पत्ती नहीं बच रहीं। इससे पेड़ सूखने के कगार पर हैं। एक्टिव सिटीजन टीम ने पेड़ों की ऐसी छंटाई कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्य हरेंद्र भाटी ने प्राधिकरण को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि ग्रेनो प्राधिकरण ने शहर के सेक्टरों में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ लगाए हैं। एक पेड़ को बड़ा होने में 15 से 20 साल लग जाते हैं। इसके बाद कुछ लोग इन पेड़ों को मनमर्जी से कटवा रहे हैं। कुछ समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता सेक्टरों में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए रात-दिन प्रयासरत रहते है तो कुछ लोग पेड़ों को काटकर उनके प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। इनके खिलाफ प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सेक्टर बीटा वन व गामा टू के मकानों के सामने से पेड़ों को काटा गया है। कई ऐसे मकान भी हैं, जिनमें पीजी चल रहे हैं।
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बिना इजाजत मनमर्जी से कटवा रहे पेड़
गामा सेकेंड और बीटा वन में सारे पत्ते ही हटवाए, सूखने के कगार पर वृक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। घर के आगे हरियाली को लोग खुद ही खत्म करा रहे हैं। घर में सीधी धूप के लिए पेड़ों की छंटाई बिना किसी अनुमति के कराई जा रही है। लोग छंटाई भी ऐसी करा रहे हैं कि पेड़ पर पत्ती नहीं बच रहीं। इससे पेड़ सूखने के कगार पर हैं। एक्टिव सिटीजन टीम ने पेड़ों की ऐसी छंटाई कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्य हरेंद्र भाटी ने प्राधिकरण को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि ग्रेनो प्राधिकरण ने शहर के सेक्टरों में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ लगाए हैं। एक पेड़ को बड़ा होने में 15 से 20 साल लग जाते हैं। इसके बाद कुछ लोग इन पेड़ों को मनमर्जी से कटवा रहे हैं। कुछ समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता सेक्टरों में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए रात-दिन प्रयासरत रहते है तो कुछ लोग पेड़ों को काटकर उनके प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। इनके खिलाफ प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सेक्टर बीटा वन व गामा टू के मकानों के सामने से पेड़ों को काटा गया है। कई ऐसे मकान भी हैं, जिनमें पीजी चल रहे हैं।
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