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रीमेडियल कक्षा से बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार होंगे छात्र
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:51 PM IST
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रीमेडियल कक्षा से बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार होंगे छात्र
- सरकारी स्कूलों में 28 दिसंबर से 15 जनवरी तक लगेगी कक्षाएं
- बच्चों के लिए कक्षाओं में उपस्थिति अनिवार्य होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के बोर्ड परीक्षार्थियों का रिजल्ट सुधारने के लिए कमर कस ली है। दसवीं और बारहवीं के बच्चों की परीक्षा की खास तैयारी के लिए शीतकालीन अवकाश के दौरान रीमेडियल कक्षाएं आयोजित होंगी। 28 दिसंबर से 15 जनवरी तक लगने वाली इन कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इन कक्षाओं में उन विषयों पर खासा जोर दिया जाएगा, जिनमें छात्र कमजोर हैं। दसवीं कक्षा के बच्चों के लिए अंग्रेजी, साइंस और गणित की पीरियड प्रतिदिन अनिवार्य होगा।
सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 28 दिसंबर से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश हो रहे हैं। ऐसे में सिलेबस को दोहराने, अतिरिक्त तैयारी कराने और सीबीएसई परीक्षा पैटर्न से छात्रों को परिचित कराने के लिए यह कक्षाएं लगाई जा रही हैं। स्कूल प्रमुख चाहें तो अन्य कक्षाओं की भी विषयावार इस तरह की कक्षाएं लगा सकते हैं। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों की ताकत व कमजोरी की पहचान कर उन पर ध्यान देना होगा। इन कक्षाओं की उपस्थिति उनकी पूरे वर्ष की उपस्थिति में जोड़ी जाएगी। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (स्कूल) के मुताबिक स्कूलों को प्रतिदिन एक-एक घंटे के चार पीरियड लगाने हैं। सुुबह की पाली में 8.00-1.00 व शाम की पाली में दोपहर 1.00 बजे से शाम 6:00 बजे तक कक्षा लगेगी। इस दौरान शिक्षक स्कूल छोड़ कर नहीं जा सकेंगे।
इन कक्षाओं में बच्चों को विषयों के पाठ्यक्रम की प्रैक्टिस कराई जाएगी। दरअसल निदेशालय चाहता है कि प्रत्येक स्तर पर बच्चों के नतीजों में सुधार हो। इन कक्षाओं में शिक्षकों को अतिरिक्त सहायक सामग्री का प्रयोग भी करना होगा। प्री बोर्ड प्रश्न पत्र की भी प्रैक्टिस करानी होगी। छात्रों और उनके अभिभावकों को इन कक्षाओं के संदर्भ में पहले से सूचना देनी होगी। स्कूल प्रमुखों को सुनिश्चित करना होगा कि इन कक्षाओं में सभी बच्चे उपस्थित हों। जिला उपशिक्षा निदेशक प्रतिदिन दो स्कूल में जाकर कक्षाओं का निरीक्षण करेंगे।
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- सरकारी स्कूलों में 28 दिसंबर से 15 जनवरी तक लगेगी कक्षाएं
- बच्चों के लिए कक्षाओं में उपस्थिति अनिवार्य होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के बोर्ड परीक्षार्थियों का रिजल्ट सुधारने के लिए कमर कस ली है। दसवीं और बारहवीं के बच्चों की परीक्षा की खास तैयारी के लिए शीतकालीन अवकाश के दौरान रीमेडियल कक्षाएं आयोजित होंगी। 28 दिसंबर से 15 जनवरी तक लगने वाली इन कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इन कक्षाओं में उन विषयों पर खासा जोर दिया जाएगा, जिनमें छात्र कमजोर हैं। दसवीं कक्षा के बच्चों के लिए अंग्रेजी, साइंस और गणित की पीरियड प्रतिदिन अनिवार्य होगा।
सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 28 दिसंबर से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश हो रहे हैं। ऐसे में सिलेबस को दोहराने, अतिरिक्त तैयारी कराने और सीबीएसई परीक्षा पैटर्न से छात्रों को परिचित कराने के लिए यह कक्षाएं लगाई जा रही हैं। स्कूल प्रमुख चाहें तो अन्य कक्षाओं की भी विषयावार इस तरह की कक्षाएं लगा सकते हैं। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों की ताकत व कमजोरी की पहचान कर उन पर ध्यान देना होगा। इन कक्षाओं की उपस्थिति उनकी पूरे वर्ष की उपस्थिति में जोड़ी जाएगी। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (स्कूल) के मुताबिक स्कूलों को प्रतिदिन एक-एक घंटे के चार पीरियड लगाने हैं। सुुबह की पाली में 8.00-1.00 व शाम की पाली में दोपहर 1.00 बजे से शाम 6:00 बजे तक कक्षा लगेगी। इस दौरान शिक्षक स्कूल छोड़ कर नहीं जा सकेंगे।
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इन कक्षाओं में बच्चों को विषयों के पाठ्यक्रम की प्रैक्टिस कराई जाएगी। दरअसल निदेशालय चाहता है कि प्रत्येक स्तर पर बच्चों के नतीजों में सुधार हो। इन कक्षाओं में शिक्षकों को अतिरिक्त सहायक सामग्री का प्रयोग भी करना होगा। प्री बोर्ड प्रश्न पत्र की भी प्रैक्टिस करानी होगी। छात्रों और उनके अभिभावकों को इन कक्षाओं के संदर्भ में पहले से सूचना देनी होगी। स्कूल प्रमुखों को सुनिश्चित करना होगा कि इन कक्षाओं में सभी बच्चे उपस्थित हों। जिला उपशिक्षा निदेशक प्रतिदिन दो स्कूल में जाकर कक्षाओं का निरीक्षण करेंगे।
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