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सीपीसीबी ने पूर्वी और दक्षिणी निगम कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस देकर 4
Updated Sun, 02 Dec 2018 06:47 AM IST
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पूर्वी-दक्षिणी निगम सीपीसीबी के निशाने पर
नोटिस देकर 48 घंटे में पूछा, वायु प्रदूषण के लिए क्यों न चलाया जाए कमिश्नरों पर मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब करने वाली गतिविधियों की शिकायत के बावजूद रोकथाम में विफल रहे पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निशाने पर हैं। सीपीसीबी ने दोनों निगम के कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस थमाकर 48 घंटों में जवाब मांगा है। इनसे पूछा गया है कि प्रभावी काम न करने के लिए आप लोगों के खिलाफ मामला क्यों नहीं चलाया जाना चाहिए।
सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत ने कहा कि कमिश्नरों को यह कारण बताओ नोटिस सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने के लिए दिया गया है। दोनों ही निगम ने 1 से 22 नवंबर के बीच आम लोगों की शिकायतों का प्रभावी तरीके से निपटारा नहीं किया।
समीर एप पर 1 से 22 नवंबर के बीच दक्षिणी दिल्ली परिक्षेत्र से 866 शिकायतें मिलीं। इनमें 332 पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई, सिर्फ 200 का ही समाधान किया गया। 334 शिकायतें छानबीन में ही रह गईं। इसी तरह पूर्वी दिल्ली नगर निगम को समीप एप पर 1 से 22 नवंबर के बीच 534 शिकायतें मिलीं। इनमें सिर्फ 133 का निपटारा किया गया, जबकि 272 छानबीन की प्रक्रिया में रहीं। 129 शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
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लापरवाही से बढ़ा वायु प्रदूषण
सीपीसीबी ने कहा कि 29 अक्तूबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्पष्ट है कि संबंधित नोडल एजेंसी को अपने परिक्षेत्र की शिकायतों का निपटारा करना है। यह गौर किया गया कि 1 से 22 नवंबर के बीच दोनों ही निगम परिक्षेत्र में लोगों ने खुले में कूड़ा-कचरा जलाने, निर्माण कार्य के कारण प्रदूषण, कूड़े-कचरे का कुप्रबंधन, सड़कों की सफाई और अन्य शिकायतें कीं। इन पर निगम को तत्काल एक्शन लेना था, जबकि ऐसा प्रभावी तौर पर नहीं किया गया। सर्दियों में अक्सर बढ़ने वाला वायु प्रदूषण इस वजह से और बढ़ गया।
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नोटिस देकर 48 घंटे में पूछा, वायु प्रदूषण के लिए क्यों न चलाया जाए कमिश्नरों पर मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब करने वाली गतिविधियों की शिकायत के बावजूद रोकथाम में विफल रहे पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निशाने पर हैं। सीपीसीबी ने दोनों निगम के कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस थमाकर 48 घंटों में जवाब मांगा है। इनसे पूछा गया है कि प्रभावी काम न करने के लिए आप लोगों के खिलाफ मामला क्यों नहीं चलाया जाना चाहिए।
सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत ने कहा कि कमिश्नरों को यह कारण बताओ नोटिस सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने के लिए दिया गया है। दोनों ही निगम ने 1 से 22 नवंबर के बीच आम लोगों की शिकायतों का प्रभावी तरीके से निपटारा नहीं किया।
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समीर एप पर 1 से 22 नवंबर के बीच दक्षिणी दिल्ली परिक्षेत्र से 866 शिकायतें मिलीं। इनमें 332 पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई, सिर्फ 200 का ही समाधान किया गया। 334 शिकायतें छानबीन में ही रह गईं। इसी तरह पूर्वी दिल्ली नगर निगम को समीप एप पर 1 से 22 नवंबर के बीच 534 शिकायतें मिलीं। इनमें सिर्फ 133 का निपटारा किया गया, जबकि 272 छानबीन की प्रक्रिया में रहीं। 129 शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
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लापरवाही से बढ़ा वायु प्रदूषण
सीपीसीबी ने कहा कि 29 अक्तूबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्पष्ट है कि संबंधित नोडल एजेंसी को अपने परिक्षेत्र की शिकायतों का निपटारा करना है। यह गौर किया गया कि 1 से 22 नवंबर के बीच दोनों ही निगम परिक्षेत्र में लोगों ने खुले में कूड़ा-कचरा जलाने, निर्माण कार्य के कारण प्रदूषण, कूड़े-कचरे का कुप्रबंधन, सड़कों की सफाई और अन्य शिकायतें कीं। इन पर निगम को तत्काल एक्शन लेना था, जबकि ऐसा प्रभावी तौर पर नहीं किया गया। सर्दियों में अक्सर बढ़ने वाला वायु प्रदूषण इस वजह से और बढ़ गया।