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सफदरजंग अस्पताल में नर्सिंग नियुक्ति का परिणाम रोका
Updated Fri, 23 Nov 2018 07:52 AM IST
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सफदरजंग अस्पताल ने नर्सिंग नियुक्ति का परिणाम रोका
- फोन करके परीक्षार्थियों से मांगी जा रही थी रिश्वत
- मामला सामने आने के बाद मंत्रालय ने लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल में बतौर नर्सिंग अधिकारी के लिए आयोजित परीक्षा परिणाम में भ्रष्टाचार की भनक लगने पर प्रबंधन ने रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध लोग अभ्यर्थियों को फोन कर रिश्वत मांग रहे हैं। इसलिए वर्धमान मेडिकल कॉलेज के परीक्षा विभाग ने नोटिस में लिखा है कि उक्त परिणाम पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस मामले में भविष्य में जो भी कार्रवाई होगी उसकी सूचना वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। नोटिस में साफ किया गया है कि सफदरजंग अस्पताल और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज ने आवेदकों से संपर्क के लिए किसी भी एजेंसी को अधिकृत नहीं किया है। अगर किसी आवेदक को इस तरह के कॉल या मैसेज मिले तो वह इसकी सूचना कॉलेज के परीक्षा विभाग को ईमेल के जारिए दे सकता है, ताकि उचित कार्रवाई किया जा सके। दरअसल, बीते दिनों एम्स के कुछ नर्सिंग अधिकारियों को अंजान नंबर से फोन आ रहे थे। कॉल करने वाला खुद को अस्पताल या मंत्रालय का अधिकारी बताकर आवेदक से संबंधित निजी जानकारियां होने का दावा कर आवेदक का प्राप्तांक बढ़ाने के लिए एक लाख रुपए की मांग कर रहा है। आवेदकों ने इसकी शिकायत एम्स प्रशासन के साथ ही दिल्ली पुलिस से भी की है।
- फोन करके परीक्षार्थियों से मांगी जा रही थी रिश्वत
- मामला सामने आने के बाद मंत्रालय ने लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल में बतौर नर्सिंग अधिकारी के लिए आयोजित परीक्षा परिणाम में भ्रष्टाचार की भनक लगने पर प्रबंधन ने रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध लोग अभ्यर्थियों को फोन कर रिश्वत मांग रहे हैं। इसलिए वर्धमान मेडिकल कॉलेज के परीक्षा विभाग ने नोटिस में लिखा है कि उक्त परिणाम पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस मामले में भविष्य में जो भी कार्रवाई होगी उसकी सूचना वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। नोटिस में साफ किया गया है कि सफदरजंग अस्पताल और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज ने आवेदकों से संपर्क के लिए किसी भी एजेंसी को अधिकृत नहीं किया है। अगर किसी आवेदक को इस तरह के कॉल या मैसेज मिले तो वह इसकी सूचना कॉलेज के परीक्षा विभाग को ईमेल के जारिए दे सकता है, ताकि उचित कार्रवाई किया जा सके। दरअसल, बीते दिनों एम्स के कुछ नर्सिंग अधिकारियों को अंजान नंबर से फोन आ रहे थे। कॉल करने वाला खुद को अस्पताल या मंत्रालय का अधिकारी बताकर आवेदक से संबंधित निजी जानकारियां होने का दावा कर आवेदक का प्राप्तांक बढ़ाने के लिए एक लाख रुपए की मांग कर रहा है। आवेदकों ने इसकी शिकायत एम्स प्रशासन के साथ ही दिल्ली पुलिस से भी की है।