{"_id":"5bf1c06ebdec2269612ad892","slug":"15425701451-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी मीडियम पास शिक्षक बच्चों को कैसे पढ़ाए अंग्रेजी के पाठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी मीडियम पास शिक्षक बच्चों को कैसे पढ़ाए अंग्रेजी के पाठ
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:11 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदी मीडियम पास शिक्षक कैसे दें अंग्रेजी का ज्ञान
सरकार ने पांच प्राथमिक स्कूलों को बनाया अंग्रेजी मीडियम, सात माह बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं
नाम की स्पेलिंग तक नहीं बता पाते बच्चे, शिक्षा मित्रों के भरोसे चल रहे स्कूल
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। प्रदेश सरकार की हर विकास खंड में पांच प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम कर बच्चों को शिक्षा देने की योजना चौपट होती दिख रही है। जेवर के पांच स्कूलों में बच्चों के लिए किताबें तो जरूर पहुंची हैं। लेकिन शिक्षकों के अभाव में बच्चे गांव का तो दूर अपना नाम तक अंग्रेजी में नहीं लिख पा रहे हैं।
सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने किशोरपुर, नगला शरीफ खां, कुरैब, ख्वाजपुर व तिरथली के स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम घोषित किया था। सात माह बाद केवल अंग्रेजी माध्यम की किताबें बच्चों को दी गईं। लेकिन ज्ञान देने वाले शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई। परेशानी यह है कि यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम की किताबें समझ ही नहीं आ रही हैं। जिसकी वजह से बच्चों का सत्र बर्बाद होते दिख रहा है। हालात यह कि इन पांचों स्कूलों में लगभग 1250 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तीन स्कूलों में शिक्षा मित्र व दो में प्रधान अध्यापक हैं।
स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से बातचीत के अंश :
- किशोरपुर गांव के प्राथमिक स्कूल के पांचवीं के छात्र गोविंद से सप्ताह के नाम अंग्रेजी में पूछने पर कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, संडे और मंडे के बारे में पूछने पर वह स्पेलिंग बताने लगा, मगर बीच में ही रुक गया।
विज्ञापन
- पांचवीं के ही अभिषेक से नाम की स्पेलिंग पूछी गई तो वह नहीं बता पाया। पिता और गांव का नाम पूछने पर वह चुप हो गया। सामने रखी गणित व पर्यावरण की पुस्तक के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे सका।
- संजना से जब दिनों के बारे में पूछा गया तो उसने बताने से ही साफ मना कर दिया। वहीं, गांव और पिता के नाम की स्पेलिंग पूछने पर भी वह नहीं बता सकी।
एक मात्र शिक्षक एमए पास
विद्यालय में एक मात्र शिक्षा मित्र सीमा रानी वैसे तो एमए पास हैं, लेकिन अंग्रेजी के अलावा अन्य किसी विषय को अंग्रेजी में नही पढ़ा। जिसकी वजह से उन्हें भी बच्चों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है।
जेवर विकास खंड के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का हाल
गांव छात्रों की संख्या शिक्षक
किशोरपुर 198 एक शिक्षा मित्र
नगला शरीफ खां 350 एक शिक्षा मित्र
ख्वाजपुर 125 एक शिक्षा मित्र
कुरैब 325 एक प्रधान अध्यापक
तिलथिरी 250 एक प्रधान अध्यापक
सरकार ने पांच प्राथमिक स्कूलों को बनाया अंग्रेजी मीडियम, सात माह बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं
नाम की स्पेलिंग तक नहीं बता पाते बच्चे, शिक्षा मित्रों के भरोसे चल रहे स्कूल
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। प्रदेश सरकार की हर विकास खंड में पांच प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम कर बच्चों को शिक्षा देने की योजना चौपट होती दिख रही है। जेवर के पांच स्कूलों में बच्चों के लिए किताबें तो जरूर पहुंची हैं। लेकिन शिक्षकों के अभाव में बच्चे गांव का तो दूर अपना नाम तक अंग्रेजी में नहीं लिख पा रहे हैं।
सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने किशोरपुर, नगला शरीफ खां, कुरैब, ख्वाजपुर व तिरथली के स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम घोषित किया था। सात माह बाद केवल अंग्रेजी माध्यम की किताबें बच्चों को दी गईं। लेकिन ज्ञान देने वाले शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई। परेशानी यह है कि यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम की किताबें समझ ही नहीं आ रही हैं। जिसकी वजह से बच्चों का सत्र बर्बाद होते दिख रहा है। हालात यह कि इन पांचों स्कूलों में लगभग 1250 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तीन स्कूलों में शिक्षा मित्र व दो में प्रधान अध्यापक हैं।
विज्ञापन
स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से बातचीत के अंश :
- किशोरपुर गांव के प्राथमिक स्कूल के पांचवीं के छात्र गोविंद से सप्ताह के नाम अंग्रेजी में पूछने पर कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, संडे और मंडे के बारे में पूछने पर वह स्पेलिंग बताने लगा, मगर बीच में ही रुक गया।
विज्ञापन
- पांचवीं के ही अभिषेक से नाम की स्पेलिंग पूछी गई तो वह नहीं बता पाया। पिता और गांव का नाम पूछने पर वह चुप हो गया। सामने रखी गणित व पर्यावरण की पुस्तक के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे सका।
- संजना से जब दिनों के बारे में पूछा गया तो उसने बताने से ही साफ मना कर दिया। वहीं, गांव और पिता के नाम की स्पेलिंग पूछने पर भी वह नहीं बता सकी।
एक मात्र शिक्षक एमए पास
विद्यालय में एक मात्र शिक्षा मित्र सीमा रानी वैसे तो एमए पास हैं, लेकिन अंग्रेजी के अलावा अन्य किसी विषय को अंग्रेजी में नही पढ़ा। जिसकी वजह से उन्हें भी बच्चों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है।
जेवर विकास खंड के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का हाल
गांव छात्रों की संख्या शिक्षक
किशोरपुर 198 एक शिक्षा मित्र
नगला शरीफ खां 350 एक शिक्षा मित्र
ख्वाजपुर 125 एक शिक्षा मित्र
कुरैब 325 एक प्रधान अध्यापक
तिलथिरी 250 एक प्रधान अध्यापक