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15 दिन में बकाया न मिला तो निरस्त होंगे भूखंड
Updated Wed, 24 Oct 2018 04:48 AM IST
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हेडिंग: 15 दिन में बकाया जमा नहीं कराया तो रद्द होंगे भूखंड
सबहेड: ग्रुप हाउसिंग, टाउनशिप और संस्थागत भूखंडों पर है चार हजार करोड़ बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने बकायेदारों पर सख्ती शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने बकाया जमा करने के लिए टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग व संस्थागत आवंटियों को पैसा जमा कराने के लिए नोटिस भेजा है। इन आवंटियों पर चार हजार करोड़ से अधिक का बकाया है। यदि 15 दिन में बकायेदारों ने पैसा जमा नहीं किया तो इन भूखंडों के आवंटन रद्द कर दिए जाएंगे।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 28 टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट व 13 संस्थागत भूखंडों के बड़े बकायेदार हैं। इनमें से टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग में पूर्व में करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये बकाया थे जबकि बाकी संस्थागत भूखंडों का बकाया है। पहले चरण में ग्रुप हाउसिंग व संस्थागत आवंटियों को नोटिस भेजा गया है। यह कार्रवाई पिछले दिनों चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार के साथ हुई बैठक के बाद शुरू की गई है।
आवेदन के बाद भी नहीं जमा की राशि
कुछ बिल्डरों ने प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी के तहत आवेदन किया। इसमें दस फीसदी जमा करने के बाद बाकी बकाये की नए सिरे से स्टॉलमेंट होनी थी, लेकिन इसमें भी पैसा नहीं जमा किया।
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दो नवंबर तक जांच के बाद नाम करने होंगे उजागर
वर्ष 2009 में 13 भूखंडों को आवंटित किया था। बाद में यमुना प्राधिकरण की एक समिति बनाकर संस्थागत भूखंडों के आवंटन की दर को कम कर दिया गया था। मामले में की गई गड़बड़ी उजागर होने के बाद प्राधिकरण के चेयरमैन ने जीएम फाइनेंस को मामले की जांच सौंपकर दो नवंबर तक गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के नाम उजागर करने के लिए कहा है। वहीं, प्राधिकरण अब इन संस्थागत भूखंडों के लिए वापस कम की गई राशि (1041 रुपये प्रति वर्ग मीटर ब्याज सहित) को वापस जमा कराने का नोटिस भेज रहा है।
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टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत भूखंडों के बकायेदारों को नोटिस भेजा गया हैै। यदि 15 दिन में पैसा नहीं जमा किया जाता तो उनके खिलाफ आवंटन रद्द करने की कार्रवाई शुरू होगी।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
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सबहेड: ग्रुप हाउसिंग, टाउनशिप और संस्थागत भूखंडों पर है चार हजार करोड़ बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने बकायेदारों पर सख्ती शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने बकाया जमा करने के लिए टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग व संस्थागत आवंटियों को पैसा जमा कराने के लिए नोटिस भेजा है। इन आवंटियों पर चार हजार करोड़ से अधिक का बकाया है। यदि 15 दिन में बकायेदारों ने पैसा जमा नहीं किया तो इन भूखंडों के आवंटन रद्द कर दिए जाएंगे।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 28 टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट व 13 संस्थागत भूखंडों के बड़े बकायेदार हैं। इनमें से टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग में पूर्व में करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये बकाया थे जबकि बाकी संस्थागत भूखंडों का बकाया है। पहले चरण में ग्रुप हाउसिंग व संस्थागत आवंटियों को नोटिस भेजा गया है। यह कार्रवाई पिछले दिनों चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार के साथ हुई बैठक के बाद शुरू की गई है।
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आवेदन के बाद भी नहीं जमा की राशि
कुछ बिल्डरों ने प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी के तहत आवेदन किया। इसमें दस फीसदी जमा करने के बाद बाकी बकाये की नए सिरे से स्टॉलमेंट होनी थी, लेकिन इसमें भी पैसा नहीं जमा किया।
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दो नवंबर तक जांच के बाद नाम करने होंगे उजागर
वर्ष 2009 में 13 भूखंडों को आवंटित किया था। बाद में यमुना प्राधिकरण की एक समिति बनाकर संस्थागत भूखंडों के आवंटन की दर को कम कर दिया गया था। मामले में की गई गड़बड़ी उजागर होने के बाद प्राधिकरण के चेयरमैन ने जीएम फाइनेंस को मामले की जांच सौंपकर दो नवंबर तक गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के नाम उजागर करने के लिए कहा है। वहीं, प्राधिकरण अब इन संस्थागत भूखंडों के लिए वापस कम की गई राशि (1041 रुपये प्रति वर्ग मीटर ब्याज सहित) को वापस जमा कराने का नोटिस भेज रहा है।
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टाउनशिप, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत भूखंडों के बकायेदारों को नोटिस भेजा गया हैै। यदि 15 दिन में पैसा नहीं जमा किया जाता तो उनके खिलाफ आवंटन रद्द करने की कार्रवाई शुरू होगी।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण