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जानलेवा बीमारी से ग्रस्त मास्टर अंकित को मिला नया जीवन
Updated Fri, 14 Sep 2018 06:40 AM IST
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जानलेवा बीमारी से ग्रस्त अंकित को मिला नया जीवन
- केंद्र सरकार के अधीन आरएमएल अस्पताल ने किया सफल ऑपरेशन
- दिल की बीमारी से पीड़ित था 7 वर्षीय अंकित
- अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से हुई सर्जरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल की बीमारियां देश में तेजी से बढ़ रही हैं। इसी से जुड़ी बीमारी है एबस्टीन एनोमेली। इस बीमारी से ग्रस्त सात वर्षीय अंकित को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। आरएमएल के सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. विजय गुप्ता की निगरानी में अंकित का ऑपरेशन किया गया। फिलहाल पीड़ित डॉक्टरों की निगरानी में है। यूपी के अलीगढ़ के पास इग्लास स्थित मास्टर कॉलोनी निवासी अंकित का इलाज अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से आरएमएल में शुरू हुआ था।
साल 2015 में दक्षिण भारत के ह्दयरोग विशेषज्ञों के शोध के अनुसार एबस्टीन एनोमेली बीमारी देश में तेजी से बढ़ रही है। इससे प्रति हजार करीब चार बच्चे ग्रसित हैं। देश में सबसे पहले हैदराबाद के डॉक्टरों ने इस बीमारी से ग्रस्त 11 माह की बच्ची का ऑपरेशन किया था।
निर्धन परिवार से हैं अंकित
निर्धन परिवार का अंकित जन्म से ही इस बीमारी से ग्रस्त था। तकलीफ बढ़ने पर अंकित को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में दिखाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे दिल्ली स्थित जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जीबी पंत में वेटिंग सूची लंबी होने के चलते आरएमएल में अमर उजाला फाउंडेशन की मदद से अंकित का ऑपरेशन कराया गया।
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आरएमएल के डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि इंसान के दिल में चार वाल्व होते हैं। एबस्टीन एनोमेली की वजह से रक्त निचले से ऊपरी चैंबर के बीच रिसता है। इसके कारण श्वसन प्रक्रिया प्रभावित होती है। इस बीमारी के कारण अचानक हार्ट अटैक हो सकता है।
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जानलेवा बीमारी से ग्रस्त अंकित को मिला नया जीवन
- केंद्र सरकार के अधीन आरएमएल अस्पताल ने किया सफल ऑपरेशन
- दिल की बीमारी से पीड़ित था 7 वर्षीय अंकित
- अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से हुई सर्जरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल की बीमारियां देश में तेजी से बढ़ रही हैं। इसी से जुड़ी बीमारी है एबस्टीन एनोमेली। इस बीमारी से ग्रस्त सात वर्षीय अंकित को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। आरएमएल के सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. विजय गुप्ता की निगरानी में अंकित का ऑपरेशन किया गया। फिलहाल पीड़ित डॉक्टरों की निगरानी में है। यूपी के अलीगढ़ के पास इग्लास स्थित मास्टर कॉलोनी निवासी अंकित का इलाज अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से आरएमएल में शुरू हुआ था।
साल 2015 में दक्षिण भारत के ह्दयरोग विशेषज्ञों के शोध के अनुसार एबस्टीन एनोमेली बीमारी देश में तेजी से बढ़ रही है। इससे प्रति हजार करीब चार बच्चे ग्रसित हैं। देश में सबसे पहले हैदराबाद के डॉक्टरों ने इस बीमारी से ग्रस्त 11 माह की बच्ची का ऑपरेशन किया था।
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निर्धन परिवार से हैं अंकित
निर्धन परिवार का अंकित जन्म से ही इस बीमारी से ग्रस्त था। तकलीफ बढ़ने पर अंकित को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में दिखाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे दिल्ली स्थित जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जीबी पंत में वेटिंग सूची लंबी होने के चलते आरएमएल में अमर उजाला फाउंडेशन की मदद से अंकित का ऑपरेशन कराया गया।
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आरएमएल के डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि इंसान के दिल में चार वाल्व होते हैं। एबस्टीन एनोमेली की वजह से रक्त निचले से ऊपरी चैंबर के बीच रिसता है। इसके कारण श्वसन प्रक्रिया प्रभावित होती है। इस बीमारी के कारण अचानक हार्ट अटैक हो सकता है।