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एम्स में मरीजों को नहीं होगी दिक्कत, बैटरी चालित गाडिय़ां बढ़ी
Updated Fri, 14 Sep 2018 06:40 AM IST
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एम्स में बैटरी चालित गाडिय़ां बढ़ीं
नई दिल्ली। एम्स में मरीजों को अब इलाज के लिए एक से दूसरी बिल्डिंग तक जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हरी झंडी दिखाकर 10 बैटरी चालित गाड़ियां शुरू कीं। कुछ दिन पहले भी ट्रायल के लिए एम्स परिसर में करीब तीन बैटरी चालित गाड़ियां शुरू की गई थीं। इसके बाद अब एम्स में करीब एक दर्जन वाहनों को मरीजों की सेवा के लिए लगाया गया है। एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि एक टीवी चैनल के रजत शर्मा की ओर से सीएसआर के तहत ये गाड़ियां संस्थान को दी गई हैं। दो वर्ष तक उनके जरिए ही गाड़ी चालकों को वेतन भी देंगे। अभी तक मरीज और तिमारदारों को एम्स परिसर में इधर से उधर जाने के लिए काफी परेशानी आती थी। वहीं वाहन लेकर संस्थान आने वालों को काफी पैदल चलकर अस्पताल तक आना पड़ता था, लेकिन अब इन वाहनों के जरिए मरीज, तिमारदार और एम्स स्टाफ आसानी से आना जाना कर सकता है। ब्यूरो
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नई दिल्ली। एम्स में मरीजों को अब इलाज के लिए एक से दूसरी बिल्डिंग तक जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हरी झंडी दिखाकर 10 बैटरी चालित गाड़ियां शुरू कीं। कुछ दिन पहले भी ट्रायल के लिए एम्स परिसर में करीब तीन बैटरी चालित गाड़ियां शुरू की गई थीं। इसके बाद अब एम्स में करीब एक दर्जन वाहनों को मरीजों की सेवा के लिए लगाया गया है। एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि एक टीवी चैनल के रजत शर्मा की ओर से सीएसआर के तहत ये गाड़ियां संस्थान को दी गई हैं। दो वर्ष तक उनके जरिए ही गाड़ी चालकों को वेतन भी देंगे। अभी तक मरीज और तिमारदारों को एम्स परिसर में इधर से उधर जाने के लिए काफी परेशानी आती थी। वहीं वाहन लेकर संस्थान आने वालों को काफी पैदल चलकर अस्पताल तक आना पड़ता था, लेकिन अब इन वाहनों के जरिए मरीज, तिमारदार और एम्स स्टाफ आसानी से आना जाना कर सकता है। ब्यूरो