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ग्रिवांस सेल की सिफारिश को पहली बार चुनाव कमेटी ने नकारा
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:24 PM IST
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ग्रीवांस सेल की सिफारिश को पहली
बार चुनाव कमेटी ने नकारा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जेएनयू छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई अध्यक्ष प्रत्याशी विकास यादव के नामांकन मामले पर चुनाव कमेटी ने पहली बार ग्रीवांस सेल की सिफारिश मानने से इंकार किया है। सात सितंबर को ग्रीवांस सेल ने विकास पर अनुशासनात्मक कार्रवाई मामले के चलते नामांकन रद्द करने का फैसला लिया था। हालांकि तीन दिन बाद चुनाव कमेटी ने नामांकन रद्द न करने का फैसला करके विकास की राह आसान कर दी।
जेएनयू छात्रसंघ का चुनाव 14 सितंबर को होना है। इसी के तहत सोमवार तक चुनाव कमेटी को तय करना था कि ग्रीवांस सेल की सिफारिश के तहत नामांकन रद्द करना है या नहीं। वहीं, विकास यादव ने चुनाव कमेटी द्वारा तीन दिन तक कोई फैसला न लेने के चलते अदालत में अपील दायर की थी। वहीं, इस मामले में चुनाव कमेटी ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन नहीं माना और नामांकन रद्द की सिफारिश को नकार दिया।
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- जीतने पर कुलपति से छात्रहित में करवाएंगे काम
अदालत से नामांकन रद्द पर रोक और चुनाव कमेटी से राहत मिलने के बाद एनएसयूआई ने जेएनयू में जुलूस निकालते हुए जश्न मनाया। एनएसयूआई के जेएनयू पदाधिकारी सनी मेहता ने इसे लोकतंत्र व छात्र अधिकारों की जीत बताया। वहीं, विकास यादव का कहना है कि 16 सितंबर को जीत के बाद कुलपति से छात्रहित में काम करवाएंगे। कुलपति ने अपनी संघी सोच से नामांकन रद्द करने की साजिश की, लेकिन अदालत से लेकर चुनाव कमेटी ने उसके हक में फैसला सुनाया है। यह लोकतंत्र की जीत है। एनएसयूआई अब मतदाताओं के सामने उनकी दिक्कतों को दूर करने के साथ विश्वविद्यालय कैंपस से संघी सोच को हटाने का वादा भी करेगा।
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बार चुनाव कमेटी ने नकारा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जेएनयू छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई अध्यक्ष प्रत्याशी विकास यादव के नामांकन मामले पर चुनाव कमेटी ने पहली बार ग्रीवांस सेल की सिफारिश मानने से इंकार किया है। सात सितंबर को ग्रीवांस सेल ने विकास पर अनुशासनात्मक कार्रवाई मामले के चलते नामांकन रद्द करने का फैसला लिया था। हालांकि तीन दिन बाद चुनाव कमेटी ने नामांकन रद्द न करने का फैसला करके विकास की राह आसान कर दी।
जेएनयू छात्रसंघ का चुनाव 14 सितंबर को होना है। इसी के तहत सोमवार तक चुनाव कमेटी को तय करना था कि ग्रीवांस सेल की सिफारिश के तहत नामांकन रद्द करना है या नहीं। वहीं, विकास यादव ने चुनाव कमेटी द्वारा तीन दिन तक कोई फैसला न लेने के चलते अदालत में अपील दायर की थी। वहीं, इस मामले में चुनाव कमेटी ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन नहीं माना और नामांकन रद्द की सिफारिश को नकार दिया।
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- जीतने पर कुलपति से छात्रहित में करवाएंगे काम
अदालत से नामांकन रद्द पर रोक और चुनाव कमेटी से राहत मिलने के बाद एनएसयूआई ने जेएनयू में जुलूस निकालते हुए जश्न मनाया। एनएसयूआई के जेएनयू पदाधिकारी सनी मेहता ने इसे लोकतंत्र व छात्र अधिकारों की जीत बताया। वहीं, विकास यादव का कहना है कि 16 सितंबर को जीत के बाद कुलपति से छात्रहित में काम करवाएंगे। कुलपति ने अपनी संघी सोच से नामांकन रद्द करने की साजिश की, लेकिन अदालत से लेकर चुनाव कमेटी ने उसके हक में फैसला सुनाया है। यह लोकतंत्र की जीत है। एनएसयूआई अब मतदाताओं के सामने उनकी दिक्कतों को दूर करने के साथ विश्वविद्यालय कैंपस से संघी सोच को हटाने का वादा भी करेगा।
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