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बिल्डर ने नहीं माना रेरा का आदेश, नहीं दिया तय समय पर पजेशन
Updated Wed, 29 Aug 2018 08:56 PM IST
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हेडिंग: बिल्डर ने नहीं माना रेरा का आदेश
नहीं दिया समय पर पजेशन, 30 जुलाई तक देना था
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बिल्डरों पर रेरा के आदेश का असर होता नहीं दिख रहा है। ग्रेनो वेस्ट में ऐसा ही मामला सामने आया है। रेरा ने हिमालय प्राइड प्रोजेक्ट के एक खरीदार की शिकायत पर हिमालय रियल एस्टेट प्रा. लि. बिल्डर को आदेश दिया था कि वह खरीदार को 30 जुलाई तक फ्लैट पर कब्जा दें। साथ ही, देरी से कब्जा देने का जुर्माना भी दें, लेकिन बिल्डर ने अभी तक आदेश का पालन नहीं किया। अन्य खरीदारों ने भी बिल्डर पर अनावश्यक शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में खरीदारों ने शनिवार को प्रोजेक्ट पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
धर्मवीर सिंह ने बिल्डर के हिमालय प्राइड प्रोजेक्ट में 29.77 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था। इसमें से 29.17 लाख का भुगतान कर चुका है। बिल्डर ने अक्तूबर 2017 में कब्जा देने का वादा किया था। अब बिल्डर ने दिसंबर 2018 में कब्जा देने का वादा किया है। इस पर खरीदार ने बिल्डर से क्षतिपूर्ति की मांग की। हवाला दिया कि बिल्डर ने नए खरीदारों को कम मूल्य पर फ्लैटों का आवंटन किया है। बिल्डर ने धर्मवीर की मांगों को अनसुना कर दिया। इस पर धर्मवीर सिंह ने रेरा में शिकायत की। सुनवाई के बाद 22 जून को रेरा ने बिल्डर को आदेश दिया कि 30 जुलाई तक खरीदारों को विधिवत कब्जा दे। साथ ही, अनुबंध के अनुसार कब्जे में देरी होने पर विलंब शुल्क दें। खरीदार धर्मवीर ने बताया कि अभी तक बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया है। इसकी शिकायत प्राधिकरण में की तो प्राधिकरण ने फिर रेरा में जाने को कहा है।
कब्जा देने पर अनावश्यक शुल्क वसूलने का आरोप
खरीदारों ने बिल्डर पर कब्जा देने के एवज में अनावश्यक शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है और प्राधिकरण में इसकी शिकायत की है। साथ ही, शनिवार को प्रोजेक्ट की साइट पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। खरीदारों का आरोप है कि प्राधिकरण ने कुछ प्रोजेक्ट का पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया है। वहां कब्जा देने से पहले बिल्डर ने तरह-तरह का मनमाना शुल्क लगा दिया है। इनमें अतिरिक्त प्रतिकर, 12 माह का एडवांस मेंटेनेंस शुल्क, जीएसटी शुल्क, बिजली शुल्क, लीज रेंट के नाम पर मनमाना शुल्क लगाया है।
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नहीं दिया समय पर पजेशन, 30 जुलाई तक देना था
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बिल्डरों पर रेरा के आदेश का असर होता नहीं दिख रहा है। ग्रेनो वेस्ट में ऐसा ही मामला सामने आया है। रेरा ने हिमालय प्राइड प्रोजेक्ट के एक खरीदार की शिकायत पर हिमालय रियल एस्टेट प्रा. लि. बिल्डर को आदेश दिया था कि वह खरीदार को 30 जुलाई तक फ्लैट पर कब्जा दें। साथ ही, देरी से कब्जा देने का जुर्माना भी दें, लेकिन बिल्डर ने अभी तक आदेश का पालन नहीं किया। अन्य खरीदारों ने भी बिल्डर पर अनावश्यक शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में खरीदारों ने शनिवार को प्रोजेक्ट पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
धर्मवीर सिंह ने बिल्डर के हिमालय प्राइड प्रोजेक्ट में 29.77 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था। इसमें से 29.17 लाख का भुगतान कर चुका है। बिल्डर ने अक्तूबर 2017 में कब्जा देने का वादा किया था। अब बिल्डर ने दिसंबर 2018 में कब्जा देने का वादा किया है। इस पर खरीदार ने बिल्डर से क्षतिपूर्ति की मांग की। हवाला दिया कि बिल्डर ने नए खरीदारों को कम मूल्य पर फ्लैटों का आवंटन किया है। बिल्डर ने धर्मवीर की मांगों को अनसुना कर दिया। इस पर धर्मवीर सिंह ने रेरा में शिकायत की। सुनवाई के बाद 22 जून को रेरा ने बिल्डर को आदेश दिया कि 30 जुलाई तक खरीदारों को विधिवत कब्जा दे। साथ ही, अनुबंध के अनुसार कब्जे में देरी होने पर विलंब शुल्क दें। खरीदार धर्मवीर ने बताया कि अभी तक बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया है। इसकी शिकायत प्राधिकरण में की तो प्राधिकरण ने फिर रेरा में जाने को कहा है।
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कब्जा देने पर अनावश्यक शुल्क वसूलने का आरोप
खरीदारों ने बिल्डर पर कब्जा देने के एवज में अनावश्यक शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है और प्राधिकरण में इसकी शिकायत की है। साथ ही, शनिवार को प्रोजेक्ट की साइट पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। खरीदारों का आरोप है कि प्राधिकरण ने कुछ प्रोजेक्ट का पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया है। वहां कब्जा देने से पहले बिल्डर ने तरह-तरह का मनमाना शुल्क लगा दिया है। इनमें अतिरिक्त प्रतिकर, 12 माह का एडवांस मेंटेनेंस शुल्क, जीएसटी शुल्क, बिजली शुल्क, लीज रेंट के नाम पर मनमाना शुल्क लगाया है।
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