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जेवर एयरपोर्ट: 43 फीसदी बाहरी लोगों ने खरीद रखी है जमीन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 29 Aug 2018 09:47 AM IST
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जेवर में एयरपोर्ट बनने की जब घोषणा हुई थी तो आसपास के गांवों में बड़े पैमाने पर बाहरी लोगों ने जमीन खरीद ली। एयरपोर्ट के लिए बनी सोशल इंपैक्ट असिस्मेंट (एसआईए) रिपोर्ट के मुताबिक, 43 फीसदी बाहरी लोगों ने किसानों से जमीन खरीद रखी है।
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दरअसल, जेवर में एयरपोर्ट बनने की सुगबुगाहट 2001 से शुरू हो गई थी। इसका लोगों ने फायदा उठाया। मुनाफे के मकसद से बाहरी लोगों ने यहां जमीनें खरीद लीं। एयरपोर्ट के लिए तैयार एसआईए रिपोर्ट बताती है कि यहां की कुल जमीन में से 43 फीसदी हिस्सा बाहरी लोगों ने खरीद रखा है। एयरपोर्ट को देखते हुए लोगों ने यहां पर निवेश के लिए यह जमीन खरीदी है। इसमें अधिकारी, नेता और मंत्री भी शामिल हैं।
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सूत्र बताते हैं कि यहां पर हर दल के नेताओं की जमीन है। इसके अलावा 12 प्रतिशत जमीन ऐसी है, जिसे सेल डीड से खरीदा गया है। जमीन किसी और के नाम पर दर्ज है और खरीदी किसी और ने है। कागजों में खरीदने वालों का नाम ही नहीं दर्ज हो पाया है।
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कागजी प्रक्रिया पूरी पर जमीन पर सहमति अधूरी
एयरपोर्ट की कागजी प्रक्रिया लगभग पूरी है। जैसे ही किसानों से जमीन मिलेगी ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा। इसका ड्राफ्ट भी बनकर तैयार है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। यह जमीन छह गांवों के 9000 से अधिक किसानों की है। सहमति के लिए जिलाधिकारी, यीडा के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार व सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने किसानों से सीधी बात की। मुआवजे के साथ दूसरी जगह शिफ्ट करने की सुविधाएं भी बढ़ाई गईं। इसके बाद सहमति देने की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन अब भी नाकाफी है। अब तक 600 किसानों ने 400 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर सहमति दी है। 70 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति मिलने के बाद ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 31 अगस्त तक जमीन को लेकर रिपोर्ट मांगी है। अगर जमीन का इंतजाम नहीं हो पाया तो यह एयरपोर्ट दूसरी जगह शिफ्ट हो सकता है।