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टैक्सी व कैब नियंत्रण नीति
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:12 PM IST
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‘नवंबर तक कैब नियंत्रण नीति नहीं बनी तो होगी कार्रवाई’
- हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को हर हाल में इस समय सीमा के अंदर काम करने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली। राजधानी में चल रहीं टैक्सी व कैब को नियंत्रित करने के लिए नवंबर तक नीति नहीं बनाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने यह चेतावनी दिल्ली सरकार को इस मामले में दोबारा मोहलत मांगने पर दी है। दिल्ली सरकार ने कहा था कि वह सिटी टैक्सी स्कीम 2017 पर विचार कर रही है और इसे जमीन पर उतारने में कुछ समय लगेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने सितंबर 2017 में चार सप्ताह का समय मांगा था। अब सरकार ने नीति निर्धारण के लिए 31 जुलाई 2018 को फिर दो माह का समय मांगा। मामले की अगली सुनवाई अब 26 नवंबर को होगी।
हाईकोर्ट ने इस लापरवाह रवैये के लिए दिल्ली सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए 31 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि नवंबर के अंत तक न्यू सिटी टैक्सी पॉलिसी एंड दि लाइसेंसिंग एंड रेगुलेशन ऑफ ऐप बेस्ड एग्रीगेटर रुल्स 2017 कोर्ट में पेश होनी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर सरकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने टैक्सी चालक द्वारा 12 सितंबर 2017 को लिफ्ट देने के बहाने महिला से दुष्कर्म के मामले पर संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर 2017 को स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। पेश मामले में काली-पीली टैक्सी चालक ने महिला को लिफ्ट देकर उससे लाल किला के पास दुष्कर्म किया था। महिला लुधियाना जाना चाहती थी और चालक ने उसे झांसा दिया था कि वह उसे बस स्टैंड पर छोड़ देगा, जहां से उसे लुधियाना की बस मिलेगी।
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- हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को हर हाल में इस समय सीमा के अंदर काम करने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली। राजधानी में चल रहीं टैक्सी व कैब को नियंत्रित करने के लिए नवंबर तक नीति नहीं बनाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने यह चेतावनी दिल्ली सरकार को इस मामले में दोबारा मोहलत मांगने पर दी है। दिल्ली सरकार ने कहा था कि वह सिटी टैक्सी स्कीम 2017 पर विचार कर रही है और इसे जमीन पर उतारने में कुछ समय लगेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने सितंबर 2017 में चार सप्ताह का समय मांगा था। अब सरकार ने नीति निर्धारण के लिए 31 जुलाई 2018 को फिर दो माह का समय मांगा। मामले की अगली सुनवाई अब 26 नवंबर को होगी।
हाईकोर्ट ने इस लापरवाह रवैये के लिए दिल्ली सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए 31 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि नवंबर के अंत तक न्यू सिटी टैक्सी पॉलिसी एंड दि लाइसेंसिंग एंड रेगुलेशन ऑफ ऐप बेस्ड एग्रीगेटर रुल्स 2017 कोर्ट में पेश होनी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर सरकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने टैक्सी चालक द्वारा 12 सितंबर 2017 को लिफ्ट देने के बहाने महिला से दुष्कर्म के मामले पर संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर 2017 को स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। पेश मामले में काली-पीली टैक्सी चालक ने महिला को लिफ्ट देकर उससे लाल किला के पास दुष्कर्म किया था। महिला लुधियाना जाना चाहती थी और चालक ने उसे झांसा दिया था कि वह उसे बस स्टैंड पर छोड़ देगा, जहां से उसे लुधियाना की बस मिलेगी।
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