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राजस्व में नहीं है दर्ज
Updated Fri, 17 Aug 2018 09:52 PM IST
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छत्तर का जोहड़ नहीं है जलाशय,
एनजीटी ने खारिज की याचिका
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका सेक्टर-19 बी स्थित छत्तर के जोहड़ को जलाशय मानने से इनकार कर दिया है। पीठ ने कहा कि राजस्व में इस जोहड़ की मौजूदगी जलाशय की तरह नहीं है, इसलिए इसे जलाशय की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इस स्पष्टीकरण के बाद एनजीटी ने संबंधित याचिका को खारिज कर दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची दीवान सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। याची ने छत्तर के जोहड़ पर दिल्ली विकास प्राधिकरण के भवन निर्माण को गैर कानूनी बताया था। साथ ही परियोजना के लिए मिली पर्यावरण मंजूरी को भी चुनौती दी थी। याची का कहना था कि जलाशय के स्थान पर भवन निर्माण गैर कानूनी है। 2001 की सेटेलाइट इमेज भी साक्ष्य के तौर पर ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश की गई थी। हालांकि एनजीटी ने कहा कि जब राजस्व में यह जलाशय है ही नहीं तो परियोजना को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती। ब्यूरो
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एनजीटी ने खारिज की याचिका
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका सेक्टर-19 बी स्थित छत्तर के जोहड़ को जलाशय मानने से इनकार कर दिया है। पीठ ने कहा कि राजस्व में इस जोहड़ की मौजूदगी जलाशय की तरह नहीं है, इसलिए इसे जलाशय की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इस स्पष्टीकरण के बाद एनजीटी ने संबंधित याचिका को खारिज कर दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची दीवान सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। याची ने छत्तर के जोहड़ पर दिल्ली विकास प्राधिकरण के भवन निर्माण को गैर कानूनी बताया था। साथ ही परियोजना के लिए मिली पर्यावरण मंजूरी को भी चुनौती दी थी। याची का कहना था कि जलाशय के स्थान पर भवन निर्माण गैर कानूनी है। 2001 की सेटेलाइट इमेज भी साक्ष्य के तौर पर ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश की गई थी। हालांकि एनजीटी ने कहा कि जब राजस्व में यह जलाशय है ही नहीं तो परियोजना को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती। ब्यूरो
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