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एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं का निपटारा

Fri, 17 Aug 2018 12:12 AM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:12 AM IST
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एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं का निपटारा
हेड : नहीं बदलेगी ओखला पक्षी विहार की पर्यावरण संवेदी सीमा
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सबहेड : एनजीटी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना को सही ठहराया
प्वाइंटर : पर्यावरण संवेदी सीमा के खिलाफ दाखिल याचिकाओं का निपटारा

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ओखला पक्षी अभयारण्य की पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी सीमा पर 100 मीटर और उत्तरी सीमा की ओर 1.27 किलोमीटर तक का क्षेत्र पर्यावरण संवेदी क्षेत्र माना जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने 100 मीटर वाली पर्यावरण संवेदी सीमा के खिलाफ दाखिल याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। 19 अगस्त 2015 को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी की गई अधिसूचना को सही ठहराया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याची की यह दलील मान्य नहीं है कि पर्यावरण संवेदी सीमा को लेकर जारी की गई अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उपेक्षा की गई। वहीं सीमाओं की हद को मन मुताबिक जारी किया गया। पीठ ने कहा कि आनंद आर्या और परमवीर सिंह की ओर से दाखिल याचिकाओं में कोई आधार नहीं है। हालांकि, उन्होंने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को याची के सवालों पर ध्यान देने का आदेश दिया। इसके अलावा दिल्ली और यूपी सरकार की अभयारण्य की पर्यावरण संवेदी सीमा के लिए गठित निगरानी समिति को कहा है कि वे सख्ती से नियमों और मानकों का पालन करें।
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क्या है याची का आरोप
याची आनंद आर्या का आरोप है कि ओखला पक्षी विहार के चारों तरफ की पर्यावरण संवेदी सीमा को अधिसूचित करने में भारतीय वन्यजीव संस्थान की आपत्ति को नजरअंदाज किया गया। अभयारण्य के पूर्वी और दक्षिणी दिशा में जहां बड़े व्यावसायिक और रिहायशी भवनों के निर्माण का दबाव है, वहां पर्यावरण संवेदी सीमा को घटाकर 100 मीटर कर दिया गया। जबकि इससे पहले जब पक्षी विहार के चारों तरफ 10 किलोमीटर का दायरा पर्यावरण संवेदी क्षेत्र था।
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‘आपत्ति नहीं मिलने पर जारी की अधिसूचना’
सुनवाई के दौरान केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि इस संबंध में पहले प्रारूप अधिसूचना जारी की गई थी। अधिसूचना पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थीं। उस वक्त कोई आपत्ति हमें नहीं मिली। इसके बाद ओखला पक्षी अभ्यारण्य की निर्णायक अधिसूचना 19 अगस्त, 2015 को जारी की गई।


यमुना पर दिल्ली-यूपी की सीमा में फैला है ओखला पक्षी विहार
ओखला पक्षी विहार तीन राज्यों की सीमाओं पर है। दिल्ली और यूपी की सीमा में यमुना पर ओखला पक्षी विहार फैला हुआ है। इसमें 6000 देसी और विदेशी पक्षियों की 324 प्रजातियां मौजूद हैं। देश में पहली बार पर्यावरण संवेदी क्षेत्र की सीमा ओखला पक्षी अभयारण्य की हुई है।
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