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मुख्यमंत्री केजरीवाल हुये आरोप मुक्त
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:52 PM IST
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केजरीवाल नामांकन में गलत जानकारी देने के आरोप से बरी
नई दिल्ली। अदालत ने चुनाव में नामांकन करते समय गलत जानकारी देने के आरोपों से मुख्यमंत्री को बरी कर दिया। एक एनजीओ ने याचिका दायर कर केजरीवाल पर 2103 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान शपथ पत्र में अपने निवास स्थान की गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था।
पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने मुख्यमंत्री को इस मामले में बरी करते हुए कहा कि किसी शख्स को केवल इस आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता कि जिस पते पर उसने खुद को मतदाता सूची में पंजीकृत करवाया है उसके अलावा उसका दूसरा पता भी है। शिकायतकर्ता एनजीओ मौलिक भारत ट्रस्ट की ओर से नीरज सक्सेना ने केजरीवाल पर नामांकन में गलत पता बताने और अपनी संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाने का आरोप लगाया था। सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली का पता दिया था जबकि वह गाजियाबाद में रहते थे। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा इस बात का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया कि केजरीवाल दिल्ली के पते पर नहीं रह रहे थे। निवास स्थान का पता वह स्थान होता है जहां पर वह शख्स आमतौर पर रहता है। यह उसका स्थायी अथवा अस्थायी पता हो सकता है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि केजरीवाल ने 41 हनुमान रोड दिल्ली का पता देकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए तथ्य छिपाने का अपराध है।
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नई दिल्ली। अदालत ने चुनाव में नामांकन करते समय गलत जानकारी देने के आरोपों से मुख्यमंत्री को बरी कर दिया। एक एनजीओ ने याचिका दायर कर केजरीवाल पर 2103 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान शपथ पत्र में अपने निवास स्थान की गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था।
पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने मुख्यमंत्री को इस मामले में बरी करते हुए कहा कि किसी शख्स को केवल इस आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता कि जिस पते पर उसने खुद को मतदाता सूची में पंजीकृत करवाया है उसके अलावा उसका दूसरा पता भी है। शिकायतकर्ता एनजीओ मौलिक भारत ट्रस्ट की ओर से नीरज सक्सेना ने केजरीवाल पर नामांकन में गलत पता बताने और अपनी संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाने का आरोप लगाया था। सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली का पता दिया था जबकि वह गाजियाबाद में रहते थे। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा इस बात का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया कि केजरीवाल दिल्ली के पते पर नहीं रह रहे थे। निवास स्थान का पता वह स्थान होता है जहां पर वह शख्स आमतौर पर रहता है। यह उसका स्थायी अथवा अस्थायी पता हो सकता है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि केजरीवाल ने 41 हनुमान रोड दिल्ली का पता देकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए तथ्य छिपाने का अपराध है।
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