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ालोनाइजर और विद्युत निगम के बीच फंसे सैकड़ों परिवार

Thu, 09 Aug 2018 09:56 PM IST
Updated Thu, 09 Aug 2018 09:56 PM IST
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ालोनाइजर और विद्युत निगम के बीच फंसे सैकड़ों परिवार
हेडिंग: कॉलोनाइजर और विद्युत निगम के बीच फंसे सैकड़ों परिवार
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सबहेड: चक शाहबेरी के शाकुंतलम अस्पताल कालोनी में नहीं लगे है बिजली के खंभे
खंभे न होने के कारण 200 से 300 मीटर तक लटके है तार, हो सकता है हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेनो वेस्ट के चक शाहबेरी गांव की शाकुंतलम अस्पताल कॉलोनी के सैकड़ों परिवार कॉलोनाइजर और बिजली विभाग के बीच फंसे हैं। कॉलोनाइजर ने कालोनी में विद्युतीकरण नहीं किया है। वहां 200 से 300 मीटर तक बिजली के तार लटके हुए हैं जिनके टूटने से कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं, बिजली विभाग ने कॉलोनी के अंदर विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कॉलोनाइजर पर डालकर पल्ला झाड़ दिया है, जबकि विभाग ने वहां लोगों को कनेक्शन दे दिए हैं।
शाकुंतलम अस्पताल कालोनी में 200 से अधिक परिवार रहते हैं। इन सभी ने यूपीपीसीएल से बिजली का कनेक्शन लिया हुआ है। लोगों का कहना है कि 4500 रुपये देकर कनेक्शन लिया था। इसकी रसीद नहीं मिली। जब मांगी गई तो कहा गया कि अगर रसीद लेनी है तो फिर कनेक्शन देरी से मिलेगी। बिजली विभाग ने घर पर मीटर लगा दिया। मीटर से बिजली की लाइन तक जो तार लगा है, वह मकान मालिक का है। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग ने गली में खंभे नहीं लगाए हैं। खंभे नहीं होने से गली-गली में तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। लकड़ी की मदद से तारों को ऊपर उठाया गया है। गली में ट्रक या अन्य बड़ा वाहन आने पर कई बार तार टूट चुके हैं। ऐसे में किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। साथ ही, लोग खुद 11 हजार की लाइन से अपना तार जोड़ते हैं।
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ग्रामीणों से बातचीत
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एक साल पहले बिजली विभाग से कनेक्शन लिया था। विभाग ने कनेक्शन देकर मीटर लगा दिया, लेकिन ऐसा लग रहा है कि जैसे हम बिजली चोरी कर रहे हैं। तार टूटकर कभी भी गिर सकते हैं जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
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- अनिल कुमार
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10 से 20 मीटर तक बिजली के तार लटके है। गली में ट्रक या अन्य बड़ा वाहन आता है तो तार टूटने का खतरा बढ़ जाता है। किसी दिन तार टूट गया तो किसी की जान जा सकती है।
- आशा देवी
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लंबे समय से बिजली विभाग से खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने की मांग कर रहे है, लेकिन विभाग सुनने को तैयार नहीं है। कनेक्शन होने के बावजूद लोगों को खुद अपने तार जोड़ने पड़ते हैं।

- गोपाल सूबेदार
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कॉलोनी में विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की होती है। विभाग वहां पर खंबे नहीं लगाता है। चक शाहबेरी का मामला भी ऐसा ही है। विभाग कॉलोनी में खंबे नहीं लगा सकता। ग्रामीण क्षेत्र में 1500 रुपये और सौभाग्य योजना में 500 रुपये (बीपीएल फ्री) में कनेक्शन दिया जाता है।
- चंद्रवीर सिंह, एसडीओ, इटैड़ा बिजलीघर
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