{"_id":"5b6342814f1c1be94b8b8170","slug":"15332317396-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांलियों पर बिकने वाली पानी स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रांलियों पर बिकने वाली पानी स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रॉलियों पर बिकने वाला पानी स्वास्थ्य के लिए सही नहीं
572 लाइसेंस प्राप्त पानी की ट्रॉली से लिए गएनमूने पैमाने पर खरे नहीं उतरे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के फुटपाथ पर लगने वाली पानी की ट्रॉली से आप पानी पीते हैं तो जरा संभल जाएं। इन ट्रॉलियों पर मिलने वाला पानी स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ठीक नहीं है। पिछले दिनों उत्तरी दिल्ली एमसीडी ने ट्रॉलियों पर मिलने वाले पानी के नमूनों की जांच की गई। इसमें कई नमूने स्वास्थ्य के पैमाने पर सही नहीं उतरा।
उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्थायी समिति के सदस्य मुकेश गोयल ने बताया कि 572 लाइसेंस प्राप्त पानी की ट्रॉली जांच में उपयुक्त नहीं पाया गया। ट्रॉली के निरीक्षण के दौरान पानी में क्लोरीन का जांच किया गया। जांच में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार पीने के पानी में अधिकतम क्लोरीन पांच मिलीग्राम प्रतिलिटर होना चाहिए, लेकिन नमूने में यह पैमाना सही नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि ट्रॉली के मालिकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। जुर्माना लगाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। स्वच्छ पेयजल देने की चेतावनी दी गई। उल्लेखनीय है कि 1,623 पानी की ट्रॉली को उत्तरी दिल्ली एमसीडी ने लाइसेंस जारी किया है। एक गिलास पानी 2 रुपये में इस ट्रांली से मिलता है। निम्न आय वर्ग वाले इन ट्रॉलियों से अपनी प्यास बुझाते है।
विज्ञापन
572 लाइसेंस प्राप्त पानी की ट्रॉली से लिए गएनमूने पैमाने पर खरे नहीं उतरे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के फुटपाथ पर लगने वाली पानी की ट्रॉली से आप पानी पीते हैं तो जरा संभल जाएं। इन ट्रॉलियों पर मिलने वाला पानी स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ठीक नहीं है। पिछले दिनों उत्तरी दिल्ली एमसीडी ने ट्रॉलियों पर मिलने वाले पानी के नमूनों की जांच की गई। इसमें कई नमूने स्वास्थ्य के पैमाने पर सही नहीं उतरा।
उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्थायी समिति के सदस्य मुकेश गोयल ने बताया कि 572 लाइसेंस प्राप्त पानी की ट्रॉली जांच में उपयुक्त नहीं पाया गया। ट्रॉली के निरीक्षण के दौरान पानी में क्लोरीन का जांच किया गया। जांच में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार पीने के पानी में अधिकतम क्लोरीन पांच मिलीग्राम प्रतिलिटर होना चाहिए, लेकिन नमूने में यह पैमाना सही नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि ट्रॉली के मालिकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। जुर्माना लगाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। स्वच्छ पेयजल देने की चेतावनी दी गई। उल्लेखनीय है कि 1,623 पानी की ट्रॉली को उत्तरी दिल्ली एमसीडी ने लाइसेंस जारी किया है। एक गिलास पानी 2 रुपये में इस ट्रांली से मिलता है। निम्न आय वर्ग वाले इन ट्रॉलियों से अपनी प्यास बुझाते है।
विज्ञापन