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एचईसी का विरोध, शिक्षा का निजीकरण का आरोप
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:00 AM IST
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एचईसी का विरोध, शिक्षा का निजीकरण का आरोप
- छात्रसंगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में एचईसी एक्ट 2018 लागू न करने की रखी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यूजीसी की जगह एचईसी (हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया ) एक्ट 2018 के विरोध में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्षता में वामपंथी छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर छात्र संगठनों ने एचईसी एक्ट को लागू नहीं करने की मांग की।
शास्त्री भवन स्थित मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर बुधवार को आयोजित प्रदर्शन में जेएनयू, अंबेडकर, डीयू, इलाहाबाद, एएमयू, बीएचयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों ने विरोध दर्ज करवाया। आईसा की पदाधिकारी सुचेता डे का कहना है कि यूजीसी की जगह एचईसी लाने से शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उधर, सेंटर फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने भी एचईसी एक्ट का विरोध किया है। उनका कहना है कि यूजीसी की जगह एचईसी बेशक अलग संस्था होगी लेकिन मंत्रालय का नियंत्रण रहेगा। दरअसल, कमीशन के गठन व कामकाज, पदों को भरने, कर्मियों की नियुक्ति आदि पर सीधे मंत्रालय के अधिकारी दखल देंगे। इसके चलते कमीशन का कामकाज ढंग से नहीं चल पाएगा।
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- छात्रसंगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में एचईसी एक्ट 2018 लागू न करने की रखी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यूजीसी की जगह एचईसी (हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया ) एक्ट 2018 के विरोध में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्षता में वामपंथी छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर छात्र संगठनों ने एचईसी एक्ट को लागू नहीं करने की मांग की।
शास्त्री भवन स्थित मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर बुधवार को आयोजित प्रदर्शन में जेएनयू, अंबेडकर, डीयू, इलाहाबाद, एएमयू, बीएचयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों ने विरोध दर्ज करवाया। आईसा की पदाधिकारी सुचेता डे का कहना है कि यूजीसी की जगह एचईसी लाने से शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उधर, सेंटर फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने भी एचईसी एक्ट का विरोध किया है। उनका कहना है कि यूजीसी की जगह एचईसी बेशक अलग संस्था होगी लेकिन मंत्रालय का नियंत्रण रहेगा। दरअसल, कमीशन के गठन व कामकाज, पदों को भरने, कर्मियों की नियुक्ति आदि पर सीधे मंत्रालय के अधिकारी दखल देंगे। इसके चलते कमीशन का कामकाज ढंग से नहीं चल पाएगा।
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