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सीएम के बयान के बाद उठा बवाल, पार्टियों ने निंदा की
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:11 PM IST
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सीएम के बयान के बाद उठा बवाल, पार्टियों ने निंदा की
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दुष्कर्म पर दिए बयान के बाद हंगामा होने लगा है। विभिन्न संगठन उनके बयान के विरोध में उतर आए हैं। कांग्रेस महिला मोर्चा ने रविवार को मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। वहीं नवजन चेतना मंच के संयोजक वशिष्ठ गोयल ने सीएम के उस बयान का कड़ा विरोध किया है जिसमें उन्होंने जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि रेप सहमति से होते हैं। आम आदमी पार्टी ने भी मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की।
विभिन्न राजनीति पार्टियों ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि वे बताएं कि इस देश में कौन सी महिलाएं खुशी से दुष्कर्म करवाती हैं। गुरुग्राम में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या हो जाती है और आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन मुख्यमंत्री आरोपियों को पकड़ने के आदेश देने और पुलिस पर कार्रवाई करने के बजाय महिलाओं को दोषी मान रहे हैं। कहा गया, मुख्यमंत्री का बयान महिला विरोधी है।
नवजन चेतना के संयोजक वशिष्ठ कुमार गोयल ने कहा, एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि 2016 में हरियाणा में दुष्कर्म के कुल 1189 मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक साल से लेकर 18 साल की लड़कियों के साथ 518 और 18 साल से 60 साल की महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 668 मामले दर्ज किए गए। इनमें गौर करने वाली बात यह है कि दर्ज किए गए कुल 1189 मामलों में से लगभग आधे यानी 518 में 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप हुए। 100 से ज्यादा मामले तो ऐसे हैं जिनमें लड़कियों की उम्र 12 साल से कम है। तो क्या मुख्यमंत्री यह कहना चाहते हैं कि 12 साल से कम उम्र की लड़कियां साथ रहती हैं और बात बिगड़ने के बाद एफआईआर दर्ज कराने पहुंच जाती हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री एनसीआरबी के डाटा पर एक नजर डाल लें। यह आंकड़ा साल 2016 का है।
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वहीं, कांग्रेस महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सुमित्रा चौहान ने कहा कि खट्टर सरकार सत्ता में आने के बाद महिला सुरक्षा में किस कदर नाकाम रही है इसका सबूत खुद उनकी सरकार की एक रिपोर्ट से मिलता है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगते हुए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दुष्कर्म पर दिए बयान के बाद हंगामा होने लगा है। विभिन्न संगठन उनके बयान के विरोध में उतर आए हैं। कांग्रेस महिला मोर्चा ने रविवार को मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। वहीं नवजन चेतना मंच के संयोजक वशिष्ठ गोयल ने सीएम के उस बयान का कड़ा विरोध किया है जिसमें उन्होंने जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि रेप सहमति से होते हैं। आम आदमी पार्टी ने भी मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की।
विभिन्न राजनीति पार्टियों ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि वे बताएं कि इस देश में कौन सी महिलाएं खुशी से दुष्कर्म करवाती हैं। गुरुग्राम में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या हो जाती है और आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन मुख्यमंत्री आरोपियों को पकड़ने के आदेश देने और पुलिस पर कार्रवाई करने के बजाय महिलाओं को दोषी मान रहे हैं। कहा गया, मुख्यमंत्री का बयान महिला विरोधी है।
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नवजन चेतना के संयोजक वशिष्ठ कुमार गोयल ने कहा, एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि 2016 में हरियाणा में दुष्कर्म के कुल 1189 मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक साल से लेकर 18 साल की लड़कियों के साथ 518 और 18 साल से 60 साल की महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 668 मामले दर्ज किए गए। इनमें गौर करने वाली बात यह है कि दर्ज किए गए कुल 1189 मामलों में से लगभग आधे यानी 518 में 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप हुए। 100 से ज्यादा मामले तो ऐसे हैं जिनमें लड़कियों की उम्र 12 साल से कम है। तो क्या मुख्यमंत्री यह कहना चाहते हैं कि 12 साल से कम उम्र की लड़कियां साथ रहती हैं और बात बिगड़ने के बाद एफआईआर दर्ज कराने पहुंच जाती हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री एनसीआरबी के डाटा पर एक नजर डाल लें। यह आंकड़ा साल 2016 का है।
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वहीं, कांग्रेस महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सुमित्रा चौहान ने कहा कि खट्टर सरकार सत्ता में आने के बाद महिला सुरक्षा में किस कदर नाकाम रही है इसका सबूत खुद उनकी सरकार की एक रिपोर्ट से मिलता है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगते हुए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।