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Noida News: आवासीय भूखंड बेचने का झांसा देकर 14 निवेशकों से 2.10 करोड़ की ठगी

Mon, 18 Aug 2025 09:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 09:14 PM IST
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14 investors cheated of Rs 2.10 crore on the pretext of selling residential plots
आवासीय भूखंड बेचने का झांसा देकर 14 निवेशकों से 2.10 करोड़ की ठगी
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मुख्यमंत्री व पुलिस महानिदेशक से न्याय की गुहार लगाने के बाद केस दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गांव सुनपुरा में ठगों ने श्रीराम एंक्लेव परियोजना में 14 निवेशकों को आवासीय भूखंड बेचने का झांसा देकर 2.10 करोड़ रुपये ठग लिए। मुख्यमंत्री व पुलिस महानिदेशक से न्याय की गुहार लगाने के बाद ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
शिकायतकर्ता प्रेमचंद सिंह, अजय कुमार यादव, अभिकांत कुमार, अंबेडकर कुमार, अर्पित अरोरा, सनी शुक्ला, आशीष शुक्ला, अंकित शुक्ला, दीपक वर्मा, मृत्युंजय कुमार, प्रभा शंकर पटेल, सुलेखा देवी, अमृता कुमारी, रणजीत कुमार, संतोष कुमार सिंह देव और तनुजा देवी का आरोप है कि श्यामा चरण मिश्रा और सरिता मिश्रा ने अपने 12 अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत मेसर्स एमएए बैलून एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी बनाई। आरोपियों ने खुद को सुनपुरा स्थित श्री राम एंक्लेव परियोजना के मालिक के रूप में पेश किया। पीड़ितों को बताया गया कि यह एक पूरी तरह से विकसित और सरकार द्वारा अनुमोदित आवासीय परियोजना है। पीड़ितों को लुभाने के लिए झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेज तैयार किए, जिसमें भूमि उपयोग परिवर्तन के जाली प्रमाण पत्र भी शामिल थे। विश्वास दिलाया कि कृषि भूमि को आवासीय भूखंडों में बदल दिया गया है। उन्हें परियोजना में प्लॉट खरीदने के लिए प्रेरित किया।
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आरोप है कि जालसाजी से तैयार किए गए दस्तावेजों के आधार पर भूखंडों के लिए ट्रांसफर डीड और सेल डीड भी कराई गई। गिरोह ने धोखे से कृषि भूमि को आवासीय भूखंड के रूप में बेचा। जब पीड़ितों ने मौके पर जाकर देखा तो उन्हें पता चला कि वह भूखंड न तो आवासीय थे और न ही उनके द्वारा दिखाई गई जगह पर मौजूद थे। जब कुछ शिकायतकर्ता मौके पर गए तो कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें धमकी दी। गिरोह ने अन्य निर्दोष लोगों से भी 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इसी परियोजना के नाम पर ठगी है।
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पीड़ितों का आरोप है कि 1 जुलाई 2024 को गिरोह ने पैसे वापस करने से इन्कार कर दिया। आरोपियों ने कहा कि उनकी मजबूत पहुंच है। उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। 17 अगस्त 2024 को ठगी का पता चलने के बाद पुलिस को शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि श्यामा चरण मिश्रा, सरिता मिश्रा, विजय यादव, मुकेश मिश्रा, कपिल त्यागी, अमन कुशवाहा, प्रमोद यादव, ललित, ऋषिपाल सिंह, कमलेश मिश्रा, ऋतुराज, शाश्वत, शंभू गुप्ता उर्फ साहिल गुप्ता और सुनील सिंह धोखाधड़ी में शामिल हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा-316 (2), 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2), 351 (2) में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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