{"_id":"5b9846bc867a557f5742d588","slug":"111536706236-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुपये के गिरते भाव, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने बिगड़ा बाजार का अर्थशास्त्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुपये के गिरते भाव, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने बिगड़ा बाजार का अर्थशास्त्र
Updated Wed, 12 Sep 2018 04:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
-पेज..2 के लिए:
रुपये के गिरते भाव, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने बिगड़ा बाजार का अर्थशास्त्र
-खाद्य पदार्थों के साथ-साथ रोजमर्रा के उपयोग वाले सामान के दामों में भी बढ़ोत्तरी
-रिफाइंड तेल के एक पैकेट की कीमत में भी 15 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से बाजार का अर्थशास्त्र चौपट हो गया है। फल सब्जियों के साथ खाद्य पदार्थों की कीमतें और रोजमर्रा के जीवन में उपयोगी सामान के दामों में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। दैनिक उपयोग की चीजों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई है। कई नामी कंपनियों ने सामान के पैकेट की कीमतें तो नहीं बढ़ाई, लेकिन पैकेट में सामान की करीब 10 प्रतिशत मात्रा कम कर दी। इस तरह पैकेट बंद सामान की कीमतों में पर्दें के पीछे से कीमत बढ़ गई है।
सदर बाजार के दुकानदारों के अनुसार डॉलर गिरने और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद दाल, चावल, आटा, सूजी के अलावा सब्जी एवं फलों के दामों में बढ़ोत्तरी हो चुकी है। चाय पत्ती, टूथपेस्ट, नमकीन, बिस्किट, चॉकलेट, नहाने एवं कपड़े धोने की साबुन, वाशिंग पाउडर, शैंपू, देसी घी, तेल, रिफाइंड, वनस्पति घी, ब्रेड आदि रोजमर्रा की चीजों के दामों में काफी तेजी से इजाफा हो रहा है।
दुकानदार बताते हैं कि कई कंपनियों ने कुछ सामान की कीमतों में सीधे तौर पर बढ़ोत्तरी की है। उक्त सामान के दाम दो से 10 रुपये तक बढ़ाए गए हैं। उनके दामों में 15 से 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो गई है। ब्रेड का पैकेट पहले 35 रुपये में आता था, जबकि अब पिछले कुछ दिनों से इसकी कीमत 40 रुपये हो गई है। वहीं रिफाइंड तेल के पैकेट के दामों में भी 15 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। अब रिफाइंड तेल 105 रुपये का मिलता है। इसी तरह अन्य चीजों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है।
विज्ञापन
इस वजह से भी कुछ बढ़े दाम : बाजार विशेषज्ञों की मानें तो कुछ चीजों के दाम सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के बढ़ाने के कारण भी बढ़े हैं। ब्रेड के दाम का सीधा ताल्लुक समर्थन मूल्य से है। हाल में सरकार ने 14 फसलों के समर्थन मूल्य में इजाफा किया है। इसमें बाजरा, अरहर, उड़द, सोयाबीन, मूंग, धान आदि शामिल हैं।
जहां दाम नहीं बढ़ाए वहां घटा दिए वजन : दुकानदार बताते हैं कि कंपनियों ने नमकीन, बिस्किट, चॉकलेट, शैंपू आदि सामान की कीमतों में पर्दे के पीछे से बढ़ोत्तरी की है। मसलन इन सामान के पैकेट पर दाम तो नहीं बढ़ाए गए, लेकिन उनका वजन जरूर कम कर दिया है। इस तरह पैकेट की कीमत पहले वाली है, लेकिन सामान की मात्रा कम हो गई।
सदर बाजार के दुकानदार प्रदीप बंसल बताते हैं कि सारा सामान वाहनों के माध्यम से बाजार में पहुंचता है। पेट्रोल एवं डीजल के दाम निरंतर बढ़ने से वाहनों के किराए में बढ़ोत्तरी हो गई है। इस कारण कंपनियों ने अपना माल बेचने और दुकानदारों की बचत बरकरार रखने के लिए दोहरे ढंग से सामान की कीमतों में बढ़ोत्तरी की है।
विज्ञापन
-पेज..2 के लिए:
रुपये के गिरते भाव, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने बिगड़ा बाजार का अर्थशास्त्र
-खाद्य पदार्थों के साथ-साथ रोजमर्रा के उपयोग वाले सामान के दामों में भी बढ़ोत्तरी
-रिफाइंड तेल के एक पैकेट की कीमत में भी 15 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से बाजार का अर्थशास्त्र चौपट हो गया है। फल सब्जियों के साथ खाद्य पदार्थों की कीमतें और रोजमर्रा के जीवन में उपयोगी सामान के दामों में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। दैनिक उपयोग की चीजों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई है। कई नामी कंपनियों ने सामान के पैकेट की कीमतें तो नहीं बढ़ाई, लेकिन पैकेट में सामान की करीब 10 प्रतिशत मात्रा कम कर दी। इस तरह पैकेट बंद सामान की कीमतों में पर्दें के पीछे से कीमत बढ़ गई है।
सदर बाजार के दुकानदारों के अनुसार डॉलर गिरने और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद दाल, चावल, आटा, सूजी के अलावा सब्जी एवं फलों के दामों में बढ़ोत्तरी हो चुकी है। चाय पत्ती, टूथपेस्ट, नमकीन, बिस्किट, चॉकलेट, नहाने एवं कपड़े धोने की साबुन, वाशिंग पाउडर, शैंपू, देसी घी, तेल, रिफाइंड, वनस्पति घी, ब्रेड आदि रोजमर्रा की चीजों के दामों में काफी तेजी से इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन
दुकानदार बताते हैं कि कई कंपनियों ने कुछ सामान की कीमतों में सीधे तौर पर बढ़ोत्तरी की है। उक्त सामान के दाम दो से 10 रुपये तक बढ़ाए गए हैं। उनके दामों में 15 से 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो गई है। ब्रेड का पैकेट पहले 35 रुपये में आता था, जबकि अब पिछले कुछ दिनों से इसकी कीमत 40 रुपये हो गई है। वहीं रिफाइंड तेल के पैकेट के दामों में भी 15 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। अब रिफाइंड तेल 105 रुपये का मिलता है। इसी तरह अन्य चीजों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है।
विज्ञापन
इस वजह से भी कुछ बढ़े दाम : बाजार विशेषज्ञों की मानें तो कुछ चीजों के दाम सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के बढ़ाने के कारण भी बढ़े हैं। ब्रेड के दाम का सीधा ताल्लुक समर्थन मूल्य से है। हाल में सरकार ने 14 फसलों के समर्थन मूल्य में इजाफा किया है। इसमें बाजरा, अरहर, उड़द, सोयाबीन, मूंग, धान आदि शामिल हैं।
जहां दाम नहीं बढ़ाए वहां घटा दिए वजन : दुकानदार बताते हैं कि कंपनियों ने नमकीन, बिस्किट, चॉकलेट, शैंपू आदि सामान की कीमतों में पर्दे के पीछे से बढ़ोत्तरी की है। मसलन इन सामान के पैकेट पर दाम तो नहीं बढ़ाए गए, लेकिन उनका वजन जरूर कम कर दिया है। इस तरह पैकेट की कीमत पहले वाली है, लेकिन सामान की मात्रा कम हो गई।
सदर बाजार के दुकानदार प्रदीप बंसल बताते हैं कि सारा सामान वाहनों के माध्यम से बाजार में पहुंचता है। पेट्रोल एवं डीजल के दाम निरंतर बढ़ने से वाहनों के किराए में बढ़ोत्तरी हो गई है। इस कारण कंपनियों ने अपना माल बेचने और दुकानदारों की बचत बरकरार रखने के लिए दोहरे ढंग से सामान की कीमतों में बढ़ोत्तरी की है।