{"_id":"5b75be0442c79270ac71f405","slug":"101534443012-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अटलबिहारी वाजपेयी को सुनने लाखों मेवाती आऐ थे पुन्हाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटलबिहारी वाजपेयी को सुनने लाखों मेवाती आऐ थे पुन्हाना
Updated Thu, 16 Aug 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुस्लिम समुदाय को भाजपा से जोड़ने में था पूर्व पीएम का सबसे बड़ा हाथ
पुनहाना। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी का दिल्ली के एम्स में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। करीब दो महीने से एम्स में भर्ती अटलबिहारी वाजपेयी की तबियत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई थी।
दरअसल, मेवात के मुस्लिम समाज के लोग भले ही भाजपा से दूरी बनाए रखते हों लेकिन मेवात हिंदु-मुस्लिम भाईचारा का ऐसा इलाका है जहां वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने के बाद भी अटलबिहारी वाजपेयी से मेवात के मुसलमानों प्यार कम नहीं हुआ था। बाबरी मस्जिद के बाद मेवात इलाके में कुछ उपद्रवियों ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था जिसके बाद मेवात में हिंदु-मुस्लिमों के बीच खटास पैदा हो गई थी। हिंदु-मुस्लिमों की नफरत मिटाने की खातिर 13 सितंबर 1994 को तत्कालीन प्रधान मंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने मेवात के पुन्हाना कस्बे में करीब एक लाख हिंदु-मुस्लिमों को जन जनसभा में संबोधित किया था। इस मौके पर मौजूदा हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन ऑरंगजेब सहित सैकड़ों मुसलमानों और हिंदु समाज के लोगों ने भाजपा का दामन थामा था। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य और 1982 व 1991 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके डॉक्टर बशीर अहमद मेवात के मुस्लिमों की रहनुमाई कर रहे थे। मेवात के मुसलमानों ने अटलबिहारी वाजपेयी के लिए पगड़ी बांधकर सम्मानित किया था। वहीं जिस दौर में मुस्लिम समाज के लोग भाजपा के नाम से भी नफरत करते थे उस दौर में भाजपा के लिए काम कर रहे डॉक्टर बशीर अहमद को पूर्व प्रधान मंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने मेवात का शेर कहकर पुकारा था।
क्या कहते हैं भाजपा के संस्थापक सदस्य
नूंह विधान सभा से 1982 और 1991 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके एवं भाजपा के संस्थापक सदस्य डॉक्टर बशीर अहमद का कहना है कि अटल जी में सब को साथ लेकर चलने की कला थी इसी वजह से मेवात ही नहीं बल्कि देश का मुस्लिम समाज आज भी अटल का दिल से सम्मान करता है। उन्होंने कहा अटलबिहारी वाजपेयी, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री आरिफ बेग, प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम डॉक्टर मंगल सैन, शिक्षा मंत्री रामबिलाश शर्मा, पूर्व राज्यपाल सूरज भान सहित काफी नेताओं की वजह से देश प्रदेश का मुसलमान भाजपा से जुड़ता चला गया। डॉक्टर बशीर को इस बात का मलाल रहा है कि भाजपा पार्टी में होने के नाते उन्हें अपनों ने ही कबूल नहीं किया। डॉक्टर बशीर का कहना है कि वह भाजपा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे और करीब 20 साल तक भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह कर भाजपा के साथ हिंदु-मुस्लिमों को जोड़ने का काम किया। अटलबिहारी जी हमेशा ही मेवात और मुस्लिमों के उत्थान के बारे में सोचा करते थे। वह सभी धर्मो के लोगों को साथ लेकर चलते है। उन्होंने कहा देश के मौजूदा प्रधान मंत्री हरियाणा प्रदेश के संगठन मंत्री रहे और मौजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मेवात में भाजपा के साथ लोगों को जोड़ने का काफी प्रयास किया था। अब वह हमारे बीच नहीं रहे इस बात का हमें बेहद दुख है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं गोसेवा आयोग के चेयरमैन
वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल करने वाले एवं हाल के प्रदेश सरकार में गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला का कहना है कि 1992 में बाबरी मस्जिद टूट जाने के बाद मेवात में भी कुछ असामाजिक तत्वों ने कुछ धार्मिक स्थलों को हानी पहुंचाई थी जिसकी वजह से मेवात में हिंदु-मुस्लिमों में खटास आ गई थी जिसे दूर करने के लिए 13 सितंबर 1994 को अटलबिहारी वाजपेयी ने पुन्हाना में करीब एक लाख हिंदु-मुस्लिों को संबोधित कर एकता का संदेश दिया था। उसके बाद से ही मेवात में भाजपा का जनाधार बढ़ा है। अब अटल जी इस दुनिया में नहीं इस बात पर यकीन करना मुश्किल है। हम सब इस घटना से बेहद दुखी हैं।
क्या कहते हैं हज कमेटी के चेयरमैन
हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन ऑरंगजेब का कहना है कि वह 13 सितंबर 1994 को अटलबिहारी वाजपेयी के हाथों भाजपा में शामिल हुआ था। आज उन्हीं की देन है जो वे चेयरमैन की बने हैं। उन्होंने कहा भाजपा में अटल जी ने मुसलमानों को सबसे ज्यादा जोड़ने का काम किया है। उनसे बेहतर मुख्यमंत्री शायद ही अब कोई हो सकेगा। उन जैसे इंसान का इस दुनिया से चले जाना अपने आप में एक दुख की बात है।
विज्ञापन
पुनहाना। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी का दिल्ली के एम्स में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। करीब दो महीने से एम्स में भर्ती अटलबिहारी वाजपेयी की तबियत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई थी।
दरअसल, मेवात के मुस्लिम समाज के लोग भले ही भाजपा से दूरी बनाए रखते हों लेकिन मेवात हिंदु-मुस्लिम भाईचारा का ऐसा इलाका है जहां वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने के बाद भी अटलबिहारी वाजपेयी से मेवात के मुसलमानों प्यार कम नहीं हुआ था। बाबरी मस्जिद के बाद मेवात इलाके में कुछ उपद्रवियों ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था जिसके बाद मेवात में हिंदु-मुस्लिमों के बीच खटास पैदा हो गई थी। हिंदु-मुस्लिमों की नफरत मिटाने की खातिर 13 सितंबर 1994 को तत्कालीन प्रधान मंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने मेवात के पुन्हाना कस्बे में करीब एक लाख हिंदु-मुस्लिमों को जन जनसभा में संबोधित किया था। इस मौके पर मौजूदा हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन ऑरंगजेब सहित सैकड़ों मुसलमानों और हिंदु समाज के लोगों ने भाजपा का दामन थामा था। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य और 1982 व 1991 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके डॉक्टर बशीर अहमद मेवात के मुस्लिमों की रहनुमाई कर रहे थे। मेवात के मुसलमानों ने अटलबिहारी वाजपेयी के लिए पगड़ी बांधकर सम्मानित किया था। वहीं जिस दौर में मुस्लिम समाज के लोग भाजपा के नाम से भी नफरत करते थे उस दौर में भाजपा के लिए काम कर रहे डॉक्टर बशीर अहमद को पूर्व प्रधान मंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने मेवात का शेर कहकर पुकारा था।
विज्ञापन
क्या कहते हैं भाजपा के संस्थापक सदस्य
नूंह विधान सभा से 1982 और 1991 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके एवं भाजपा के संस्थापक सदस्य डॉक्टर बशीर अहमद का कहना है कि अटल जी में सब को साथ लेकर चलने की कला थी इसी वजह से मेवात ही नहीं बल्कि देश का मुस्लिम समाज आज भी अटल का दिल से सम्मान करता है। उन्होंने कहा अटलबिहारी वाजपेयी, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री आरिफ बेग, प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम डॉक्टर मंगल सैन, शिक्षा मंत्री रामबिलाश शर्मा, पूर्व राज्यपाल सूरज भान सहित काफी नेताओं की वजह से देश प्रदेश का मुसलमान भाजपा से जुड़ता चला गया। डॉक्टर बशीर को इस बात का मलाल रहा है कि भाजपा पार्टी में होने के नाते उन्हें अपनों ने ही कबूल नहीं किया। डॉक्टर बशीर का कहना है कि वह भाजपा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे और करीब 20 साल तक भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह कर भाजपा के साथ हिंदु-मुस्लिमों को जोड़ने का काम किया। अटलबिहारी जी हमेशा ही मेवात और मुस्लिमों के उत्थान के बारे में सोचा करते थे। वह सभी धर्मो के लोगों को साथ लेकर चलते है। उन्होंने कहा देश के मौजूदा प्रधान मंत्री हरियाणा प्रदेश के संगठन मंत्री रहे और मौजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मेवात में भाजपा के साथ लोगों को जोड़ने का काफी प्रयास किया था। अब वह हमारे बीच नहीं रहे इस बात का हमें बेहद दुख है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं गोसेवा आयोग के चेयरमैन
वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल करने वाले एवं हाल के प्रदेश सरकार में गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला का कहना है कि 1992 में बाबरी मस्जिद टूट जाने के बाद मेवात में भी कुछ असामाजिक तत्वों ने कुछ धार्मिक स्थलों को हानी पहुंचाई थी जिसकी वजह से मेवात में हिंदु-मुस्लिमों में खटास आ गई थी जिसे दूर करने के लिए 13 सितंबर 1994 को अटलबिहारी वाजपेयी ने पुन्हाना में करीब एक लाख हिंदु-मुस्लिों को संबोधित कर एकता का संदेश दिया था। उसके बाद से ही मेवात में भाजपा का जनाधार बढ़ा है। अब अटल जी इस दुनिया में नहीं इस बात पर यकीन करना मुश्किल है। हम सब इस घटना से बेहद दुखी हैं।
क्या कहते हैं हज कमेटी के चेयरमैन
हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन ऑरंगजेब का कहना है कि वह 13 सितंबर 1994 को अटलबिहारी वाजपेयी के हाथों भाजपा में शामिल हुआ था। आज उन्हीं की देन है जो वे चेयरमैन की बने हैं। उन्होंने कहा भाजपा में अटल जी ने मुसलमानों को सबसे ज्यादा जोड़ने का काम किया है। उनसे बेहतर मुख्यमंत्री शायद ही अब कोई हो सकेगा। उन जैसे इंसान का इस दुनिया से चले जाना अपने आप में एक दुख की बात है।