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आबोहवा को प्रदूषित करने वालों पर लगाया 1.40 लाख का जुर्माना
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आबोहवा को प्रदूषित करने वालों पर लगाया 1.40 लाख का जुर्माना
नोएडा। तापमान में गिरावट के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो चुका है। इसके मद्देनजर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के आदेशानुसार मंगलवार से नोएडा और गाजियाबाद में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू कर दिया गया है, जो 15 मार्च 2020 तक रहेगा। इसके तहत डीजल जनरेटर चलाने पर भी रोक लगा दी गई है। इसी कड़ी में प्रदूषण विभाग ने पहली कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग स्थानों पर प्रदूषण फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि शहर की आबोहवा में प्रदूषण फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शहर में कई जगह निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने चार जगहों पर खुले में निर्माण सामग्री मिलने और कंस्ट्रक्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने सेक्टर-49 और सेक्टर-71 में भवन निर्माण के दौरान ग्रीन नेट कवरिंग नहीं होने और खुले में मिट्टी डाले जाने पर ठेकेदार पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा सेक्टर-67 में दो स्थानों पर खुले में बालू मिलने पर संबंधित ठेकेदारों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उनका कहना है कि जहां भी इस तरह की गतिविधि पाई जाएगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। उधर, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में कोंडली ड्रेन में जा रहे गंदे पानी का निरीक्षण किया। प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि टीम ने गाजियाबाद के खोड़ा, नोएडा में 12-22 चौकी के पास और दिल्ली में कुछ जगहों से पानी का सैंपल लिया है। नमूनों की जांच के बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बता दें कि मंगलवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 305 रिकॉर्ड किया गया, जो कि खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इसमें पीएम-2.5 का स्तर 200, पीएम-10 का स्तर 256, एनओटू-107, एनएचथ्री- 15, एसओटू-28, सीओ-77 व ओजोन का स्तर 161 रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों की मानें तो अभी से सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हवा और भी जहरीली हो जाएगी। इसके लिए डीजल जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध को लेकर पहली बार दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। साथ ही होटल, रेस्तरां और ढाबों में जलने वाले कोयले और लकड़ी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
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सोसायटी के लोगों में दिखा रोष
सोसायटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि सरकार व प्रशासन को जनरेटर सेट पर रोक लगाने से पहले 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि घर में बच्चे और बूढ़े हैं, जिन्हें बिजली जाने पर परेशानी होगी। जनरेटर पर रोक लगने के बाद लोगों को अंधेरे में रहना पड़ेगा। सेक्टर-79 स्थित आदित्य अर्बन कासा सोसायटी निवासी कर्नल सी प्रकाश का कहना है कि सरकार द्वारा अचानक डीजल जनरेटरों पर रोक तो लगा दी गई है, लेकिन बिजली कटौती होने पर लिफ्ट कैसे चलेगी और अन्य काम कैसे होंगे, इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। वहीं, रात में अंधेरा रहेगा तो सोसायटी में सिक्योरिटी को भी खतरा है।
बिजली व्यवस्था में किया जाएगा सुधार
बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर वीएन सिंह ने बताया कि शहर में मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। यहां की समस्या ट्रिपिंग की है। इससे बार-बार शटडाउन लेना पड़ता है। साथ ही लो व हाई वोल्टेज की शिकायत भी आती रहती है। इसको लेकर शहर में लगे पुराने ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य किया जा रहा हैं। प्रयास है कि लोगों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
सेक्टर-79 में चल रहा आरएमसी प्लांट प्रशासन ने किया सील
नोएडा। जिला शासन की लाख कोशिशों के बावजूद जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। जिले में पहले से ही स्टोन क्रशर और आरएमसी प्लांट बंद कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी सेक्टर-79 में आरएमसी प्लांट चलाया जा रहा था। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में प्लांट को सील करते हुए इंजीनियर और सुपरवाइजर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही काफी मात्रा में सामान जब्त किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सूचना मिली थी कि हिलसन कंपनी लोटस एरीना डेवलपर्स द्वारा सेक्टर-49 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-79 में अवैध रूप से आरएमसी प्लांट संचालित किया जा रहा है। सूचना पर वह सेक्टर-49 पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे तो प्रकरण सही पाया गया। इसके बाद प्लांट को सील कर दिया गया और मौके से 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें इंजीनियर भारत सिंह, साइट इंचार्ज सुरेश कुमार, सुपरवाइजर प्रवीन कुमार और मजदूर बली मोहम्मद आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि प्लांट से एक मिक्सर डंपर समेत काफी सामान भी जब्त किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिलाधिकारी कैंप आफिस के नंबर 0120-2552552 पर प्रदूषण फैलाने वालों की सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
पिछले माह हुई थी स्टोन क्रशर पर कार्रवाई
यमुना के डूब क्षेत्र में रायपुर और सेक्टर-94 के पास सिटी मजिस्ट्रेट ने स्टोन क्रशर पर कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि मौके से कई डंपर और मशीन आदि जब्त की गई था। इसी तरह बरौला के पास से आरएमसी प्लांट को भी सील किया था। पिछले कई दिनों से ऐसी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बाद प्रदूषण पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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नोएडा। तापमान में गिरावट के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो चुका है। इसके मद्देनजर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के आदेशानुसार मंगलवार से नोएडा और गाजियाबाद में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू कर दिया गया है, जो 15 मार्च 2020 तक रहेगा। इसके तहत डीजल जनरेटर चलाने पर भी रोक लगा दी गई है। इसी कड़ी में प्रदूषण विभाग ने पहली कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग स्थानों पर प्रदूषण फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि शहर की आबोहवा में प्रदूषण फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शहर में कई जगह निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने चार जगहों पर खुले में निर्माण सामग्री मिलने और कंस्ट्रक्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने सेक्टर-49 और सेक्टर-71 में भवन निर्माण के दौरान ग्रीन नेट कवरिंग नहीं होने और खुले में मिट्टी डाले जाने पर ठेकेदार पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा सेक्टर-67 में दो स्थानों पर खुले में बालू मिलने पर संबंधित ठेकेदारों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उनका कहना है कि जहां भी इस तरह की गतिविधि पाई जाएगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। उधर, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में कोंडली ड्रेन में जा रहे गंदे पानी का निरीक्षण किया। प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि टीम ने गाजियाबाद के खोड़ा, नोएडा में 12-22 चौकी के पास और दिल्ली में कुछ जगहों से पानी का सैंपल लिया है। नमूनों की जांच के बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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बता दें कि मंगलवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 305 रिकॉर्ड किया गया, जो कि खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इसमें पीएम-2.5 का स्तर 200, पीएम-10 का स्तर 256, एनओटू-107, एनएचथ्री- 15, एसओटू-28, सीओ-77 व ओजोन का स्तर 161 रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों की मानें तो अभी से सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हवा और भी जहरीली हो जाएगी। इसके लिए डीजल जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध को लेकर पहली बार दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। साथ ही होटल, रेस्तरां और ढाबों में जलने वाले कोयले और लकड़ी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
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सोसायटी के लोगों में दिखा रोष
सोसायटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि सरकार व प्रशासन को जनरेटर सेट पर रोक लगाने से पहले 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि घर में बच्चे और बूढ़े हैं, जिन्हें बिजली जाने पर परेशानी होगी। जनरेटर पर रोक लगने के बाद लोगों को अंधेरे में रहना पड़ेगा। सेक्टर-79 स्थित आदित्य अर्बन कासा सोसायटी निवासी कर्नल सी प्रकाश का कहना है कि सरकार द्वारा अचानक डीजल जनरेटरों पर रोक तो लगा दी गई है, लेकिन बिजली कटौती होने पर लिफ्ट कैसे चलेगी और अन्य काम कैसे होंगे, इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। वहीं, रात में अंधेरा रहेगा तो सोसायटी में सिक्योरिटी को भी खतरा है।
बिजली व्यवस्था में किया जाएगा सुधार
बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर वीएन सिंह ने बताया कि शहर में मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। यहां की समस्या ट्रिपिंग की है। इससे बार-बार शटडाउन लेना पड़ता है। साथ ही लो व हाई वोल्टेज की शिकायत भी आती रहती है। इसको लेकर शहर में लगे पुराने ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य किया जा रहा हैं। प्रयास है कि लोगों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
सेक्टर-79 में चल रहा आरएमसी प्लांट प्रशासन ने किया सील
नोएडा। जिला शासन की लाख कोशिशों के बावजूद जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। जिले में पहले से ही स्टोन क्रशर और आरएमसी प्लांट बंद कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी सेक्टर-79 में आरएमसी प्लांट चलाया जा रहा था। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में प्लांट को सील करते हुए इंजीनियर और सुपरवाइजर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही काफी मात्रा में सामान जब्त किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सूचना मिली थी कि हिलसन कंपनी लोटस एरीना डेवलपर्स द्वारा सेक्टर-49 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-79 में अवैध रूप से आरएमसी प्लांट संचालित किया जा रहा है। सूचना पर वह सेक्टर-49 पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे तो प्रकरण सही पाया गया। इसके बाद प्लांट को सील कर दिया गया और मौके से 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें इंजीनियर भारत सिंह, साइट इंचार्ज सुरेश कुमार, सुपरवाइजर प्रवीन कुमार और मजदूर बली मोहम्मद आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि प्लांट से एक मिक्सर डंपर समेत काफी सामान भी जब्त किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिलाधिकारी कैंप आफिस के नंबर 0120-2552552 पर प्रदूषण फैलाने वालों की सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
पिछले माह हुई थी स्टोन क्रशर पर कार्रवाई
यमुना के डूब क्षेत्र में रायपुर और सेक्टर-94 के पास सिटी मजिस्ट्रेट ने स्टोन क्रशर पर कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि मौके से कई डंपर और मशीन आदि जब्त की गई था। इसी तरह बरौला के पास से आरएमसी प्लांट को भी सील किया था। पिछले कई दिनों से ऐसी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बाद प्रदूषण पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।