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आय से अधिक संपत्ति का मामला: यादव सिंह के बेटे सन्नी ने किया सरेंडर
Fri, 04 Jan 2019 12:08 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 04 Jan 2019 12:08 AM IST
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नोएडा टेंडर घोटाले से जुडे़ से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में यादव सिंह के आरोपी बेटे सन्नी यादव ने बृहस्पतिवार को सरेंडर किया। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने सन्नी यादव को न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया।
15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सन्नी यादव को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मंजूर की थी, जिसके बाद से वह डासना जेल से बाहर था।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण में टेंडर घोटाले के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले का खुलासा करते हुए सीबीआई ने यादव सिंह और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
यादव सिंह के बेटे सन्नी यादव ने पहले भी जुलाई 2018 में सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया था। सन्नी यादव को अंतरिम जमानत दिए जाने के लिए उसके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए सन्नी की अंतरिम जमानत स्वीकार की कर ली।
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हालांकि इस मामले में सन्नी की मां कुसुमलता, पत्नी श्रेष्ठा और दोनों बहनें गरिमा भूषण और करुणा सिंह भी आरोपी हैं। सभी अभियुक्त पहले ही जमानत पर बाहर हैं।
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15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सन्नी यादव को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मंजूर की थी, जिसके बाद से वह डासना जेल से बाहर था।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण में टेंडर घोटाले के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले का खुलासा करते हुए सीबीआई ने यादव सिंह और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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यादव सिंह के बेटे सन्नी यादव ने पहले भी जुलाई 2018 में सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया था। सन्नी यादव को अंतरिम जमानत दिए जाने के लिए उसके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए सन्नी की अंतरिम जमानत स्वीकार की कर ली।
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हालांकि इस मामले में सन्नी की मां कुसुमलता, पत्नी श्रेष्ठा और दोनों बहनें गरिमा भूषण और करुणा सिंह भी आरोपी हैं। सभी अभियुक्त पहले ही जमानत पर बाहर हैं।
सीबीआई लोक अभियोजक ने बताया कि 30 जुलाई 2015 को नोएडा प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह और उसके परिवार के सदस्य पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था।
इसके अलावा सीबीआई ने इस मामले में सीए मोहन लाल राठी, तीन फर्म मैसर्स कुसुम गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स हिचकी क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड और पीजीपी चैरिटेबल ट्रस्ट, मैसर्स केएस अल्ट्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को भी इस मामले में आरोपी बनाया था, लेकिन मोहन के सरकारी गवाह बनने के बाद वह जेल से रिहा हो गया है।
इसके अलावा सीबीआई ने इस मामले में सीए मोहन लाल राठी, तीन फर्म मैसर्स कुसुम गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स हिचकी क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड और पीजीपी चैरिटेबल ट्रस्ट, मैसर्स केएस अल्ट्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को भी इस मामले में आरोपी बनाया था, लेकिन मोहन के सरकारी गवाह बनने के बाद वह जेल से रिहा हो गया है।