फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Noida News : student commits suicide because of colour complexion

मौत की छलांग : सांवले रंग से परेशान नोएडा के छात्र ने दी जान, फब्तियों ने कर दिया था बेचैन

Sun, 07 Mar 2021 04:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 07 Mar 2021 04:24 AM IST
विज्ञापन
Noida News : student commits suicide because of colour complexion
इसी बिल्डिंग से कूदकर छात्र ने जान दी... - फोटो : अमर उजाला

सेक्टर-49 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसाइटी में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने 15वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सुबह जब सोसाइटी के लोग वॉक पर निकले तब उन्हें घटना की जानकारी मिली। सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को मामले को सूचित कर परिजनों को इसके बारे में बताया। छात्र संयम (17) के कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है। 

विज्ञापन


परिजनों का कहना है कि छात्र अपने सांवले रंग को लेकर तनाव में रहता था। हाल ही में उसके रंग पर किसी ने टिप्पणी कर दी थी जिससे वह परेशान था। पुलिस इसी वजह से आत्महत्या की आशंका जता रही है। हालांकि मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन


थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सेक्टर-142 स्थित मोबाइल कंपनी में नौकरी करने वाले प्रशांत गढियार परिवार समेत महागुन मॉडर्न सोसाइटी में रहते हैं। उनका बेटा संयम शहर के एक नामी स्कूल में 11वीं में पढ़ाई कर रहा था। शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे संयम ने सोसाइटी की 15वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब 5:30 बजे जब सोसाइटी निवासी मार्निंग वॉक के लिए निकले तो छात्र का शव पड़ा देखकर सुरक्षा गार्ड और पुलिस को सूचना दी। छात्र की पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई। उसे पास के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्र पढ़ने में होशियार और मिलनसार था। उसका रंग सांवला था जिसे लेकर किसी ने कभी टिप्पणी कर दी थी और रंग को लेकर अकसर परेशान रहता था। इससे पहले भी एक बार छात्र ने इसी तरह का प्रयास किया था।

उस समय भी वह तनाव में था लेकिन माता-पिता को समय से पता चलने के कारण उसे समझाबुझा दिया था। कुछ दिन से वह इसी बात को लेकर फिर परेशान था और परिजन लगातार उसे समझाने का प्रयास कर रहे थे।


कक्षा-8 से कक्षा ग्रेजुएशन तक का समय बच्चे के लिए बेहद संवेदनशील होता है। इस उम्र में बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। इस समय बच्चे के मन में अलग-अलग विचार आते रहते हैं। कई बार छोटी सी बात को वह मन से लगा लेते हैं। चाहे पढ़ाई की हो या फिर परिवार की। इसलिए इस समय बच्चों को बेहतर माहौल देना चाहिए।
- डॉ.अग्निवेष गुप्ता, मनोवैज्ञनिक।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed