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नोएडा : संक्रमित की संख्या 14 हजार के पार, प्लाज्मा दान करने वालों की संख्या 200 भी नहीं पहुंची

Tue, 06 Oct 2020 11:09 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: Mohit Mudgal Updated Tue, 06 Oct 2020 11:09 PM IST
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noida more than 14 thousand people infected from coronavirus but less than 200 people donated plasma
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

गौतमबुद्ध नगर में 14000 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। एक दिन 200 से अधिक मिलने से कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। वहीं, प्लाज्मा दान करने वालों का आंकड़ा 200 भी नहीं पार कर पाया है। इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है।

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हालांकि, अधिकारी लगातार बीमारी से ठीक हो चुके लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी संख्या नहीं बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी बेहद आवश्यक है। इससे मरीज के शरीर में फैले संक्रमण को खत्म किया जा सकता है। यही कारण है कि जिले में लगातार अभियान चलाकर लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना को मात दे चुके व्यक्ति का ही प्लाज्मा गंभीर मरीज के इलाज में किया जाता है। प्लाज्मा दान करने के लिए शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा 1.5 से अधिक होनी चाहिए। इससे कम एंटीबॉडी इलाज में कारगर नहीं होती है। 
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डॉ. रवि ने दो बार दान किया प्लाज्मा
जिम्स के डॉ. रवि से लोगों को सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने महामारी को मात देने के बाद दो बार प्लाज्मा दान कर मरीजों की जान बचाई है। डॉ. रवि ने बताया कि कोविड से ठीक हुए लोगों को प्लाज्मा जरूर दान करना चाहिए। आपकी एंटीबॉडी से किसी गंभीर मरीज की जान बच सकती है। साथ ही प्लाज्मा दान करने से शरीर पर कोई फर्क भी नहीं पड़ता है। वह बताते हैं कि तीन जुलाई के आसपास वह संक्रमित हो गए।

हालांकि, उनमें हल्के लक्षण थे, लेकिन 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। 16 जुलाई को डिस्चार्ज हुए और इसके बाद 20 दिन तक होम क्वारंटीन रहे। अगस्त के मध्य में पहली बार प्लाज्मा दान किया। इस दौरान जांच में एंटीबॉडी 3.7 थी, जो बहुत अच्छी मानी जाती है। इसके बाद 22 सितंबर को फिर प्लाज्मा दान कर गंभीर मरीज की जान बचाई। उनका कहना है कि वह आगे भी इसके लिए तैयार रहेंगे। 


15 दिन का अंतराल होना चाहिए
डॉ. रवि ने बताया कि एक बार प्लाज्मा दान करने के बाद दोबारा करने के लिए कम से कम 15 दिन का अंतराल जरूर होना चाहिए। उन्होंने कोरोना संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपील की है। मूल रूप से तुगलपुर के रहने वाले डॉ. रवि ने सरस्वती मेडिकल कॉलेज हापुड़ से 2018 में एमबीबीएस पास किया। अक्तूबर 2018 में उन्होंने जिम्स में जूनियर डॉक्टर के रूप में तैनाती मिली। 

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