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ऐसे तो कंगाल हो जाएगा ऊर्जा निगम
अनुराग त्रिपाठी/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 29 Aug 2014 05:45 AM IST
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चुनावी रणनीति में जीत के लिए सरकार कोई भी दांव खेलने में पीछे नहीं हटती, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। ऐसा ही कुछ नोएडा में देखने को मिल रहा है। उपचुनाव को देखते हुए गांवों में बिजली देने के लिए उद्योगों की 500 मेगावाट बिजली काट दी गई है।
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बृहस्पतिवार को चार घंटे की हुई कटौती से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल ) को 1.25 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान उठना पड़ा है। अगर दस दिन भी ऐसे हालात रहे तो बिजली खरीदने के पैसे भी विद्युत निगम एकत्र नहीं कर पाएगा। हालात ऐसे ही रहे तो ऊर्जा निगम कंगाल हो जाएगा।
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प्रदेश की 12 विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान हो चुका है। 13 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले सत्ताधारी पार्टी हर कोशिश में जुट गई है। ऐसे में सरकार ने ग्रामीण मतदाताओं को लुभाने के लिए उद्योगों में चार घंटे का कट लगाने का निर्णय लिया है। यह कटौती दोपहर में निर्धारित की गई, जिस समय औद्योगिक इकाइयों में सबसे ज्यादा बिजली की मांग होती है।
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विद्युत निगम के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को 12 बजे से चार बजे तक कटौती की गई। इस दौरान उद्योगों को मिलने वाली 500 मेगावाट बिजली कटी। इसका इस्तेमाल प्रदेश के दूसरे जिलों में किया गया। चार घंटे में निगम को मिलने वाले 1.25 करोड़ रुपये पर पानी फिर गया।
सूत्रों का कहना है कि अभी तक यह कटौती तीन दिन की है लेकिन इसे अगले दस दिन तक बढ़ाया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो इससे करीब 12.50 करोड़ रुपये के नुकसान होने की संभावना है।