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Noida : प्रदूषण फैलाने पर 16.50 लाख का हर्जाना, यूपीपीसीबी ने की 15 संस्थानों पर कार्रवाई
Wed, 11 Oct 2023 06:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 11 Oct 2023 06:57 AM IST
सार
इसमें बिल्डर कंपनियां, उद्योग, नोएडा प्राधिकरण की कार्यदायी संस्थाएं शामिल हैं। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि सेक्टर-150 की समृद्धि लक्सूरिया ग्रुप हाउसिंग, वंडरस बिल्डमार्ट की ग्रुप हाउसिंग पर पांच-पांच लाख रुपये का हर्जाना लगाया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हवा को प्रदूषित करने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने 15 संस्थानों पर 16.50 लाख रुपये का पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है। इसमें बिल्डर कंपनियां, उद्योग, नोएडा प्राधिकरण की कार्यदायी संस्थाएं शामिल हैं। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि सेक्टर-150 की समृद्धि लक्सूरिया ग्रुप हाउसिंग, वंडरस बिल्डमार्ट की ग्रुप हाउसिंग पर पांच-पांच लाख रुपये का हर्जाना लगाया गया है।
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इनके अलावा सेक्टर-63 में व्हाइटलाइन सॉफ्टवेयर, सेक्टर-51 में डिक्सन टेक्नोलॉजीज, सेक्टर-155 में सुरभि सेटकॉम, सेक्टर-150 में एसएसबीसी कंक्रीट, एनसीआर कंक्रीट, आरडीसी कंक्रीट, अल्फा कंक्रीट, दुर्गा इंजीनियर्स एंड अर्थमूवर, वंडर आरएमसी, बोकेन कंक्रीट, होजरी कांप्लेक्स में भूखंड डी-85, सी-67, ए-36 पर भी 50-50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया गया है। ग्रैप लागू होने के बाद भी यहां नियमों की अनदेखी की जा रही थी। निरीक्षण में बिल्डिंग मैटेरियल को ढकने और पानी के छिड़काव जैसे उपाय नहीं होते मिले।
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चार कंपनियों पर लगाया 50-50 हजार का जुर्माना
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के ग्रेनो कार्यालय की टीम ने मंगलवार को ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान के नियमों का पालन नहीं करने पर चार उद्योगों पर जुर्माना लगाया है। क्षेत्रीय अधिकारी देव कुमार गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक सेक्टर इकोटेक तीन और टेकजोन-चार की चार कंपनियों में ग्रैप के नियमों का उल्लंघन मिला है। कंपनियों में निर्माण कार्य चल रहा है और निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है। इसके साथ ही धूल उड़ रही है। चारों कंपनी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, ग्रेनो मंगलवार को भी एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा है, जबकि देश के प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे नंबर पर रहा है। ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक 240 पहुंच गया है। ब्यूरो
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नोएडा का एक्यूआई 151
बोर्ड ने मंगलवार को नोएडा का एक्यूआई 151 रिकॉर्ड किया। इसका मतलब है कि नोएडा की हवा सुधरी हुई है।