जेवरकांड: SSP ने कहा- प्राथमिक जांच में महिलाओं से गैंगरेप की पुष्टि नहीं
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जेवर-बुलंदशहर हाईवे पर हुई हैवानियत में एसएसपी लव कुमार और सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने शुक्रवार को ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकाने वाला खुलासा किया है। दोनों अधिकारियों ने पीड़िताओं की प्राथमिक मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि नहीं होने का दावा किया है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि स्लाइड आदि जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही रेप के बारे में साफ तौर पर कोई जानकारी दी जा सकती है।
पीड़ित परिवार ने जताई थी रिपोर्ट से छेड़छाड़ की आशंका
एसएसपी लव कुमार ने बताया कि 6 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष ने पुरानी रंजिश में कुछ लोगों के नाम लिए थे। उनके संबंध में भी सर्विलांस, फोन रिकॉर्ड, पूछताछ आदि से पड़ताल की जा रही है। पीड़िताओं के पुरानी रंजिश वाले बयान से पलटने की जानकारी मिली है, लेकिन इस संबंध में अधिकारिक रुप से पीड़ितों को कोई जानकारी नहीं दी गई है।
Rape ke jo symptoms hote hain, abhi tak koi bhi aisa symptom medical report ke hisaab se nahi mila hai: SSP Gautam Budh Nagar, Luv Kumar. pic.twitter.com/yz3dSlVLh1
— ANI UP (@ANINewsUP) May 26, 2017
पीड़ित परिवार से पुलिस बदमाशों के हुलिया, बोल चाल, पहनावे आदि के संबंध में बात कर विशेषज्ञ टीम की मदद से स्कैच भी तैयार कराए जा रहे हैं। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए जिले की फोरेंसिक, साइबर क्राइम, विभिन्न थानों की टीम, एंटी एक्सटोर्शन टीम के अलावा अन्य जिलों की विशेष टीम भी पड़ताल कर रहीं हैं। अब तक की जांच में पता चल रहा है कि वारदात में प्रोफेशन बदमाश शामिल हैं।
सीएमओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वारदात में जान गंवाने वाले 40 वर्षीय पुरुष की मौत 12 बोर की गोली लगने से हुई है। उसके शरीर से गोली के छर्रे भी मिले हैं। दो महिलाओं के हाथ में खरोंच के निशान मिले हैं। ये निशान रस्सी आदि से बांधने के कारण हो सकते हैं। महिला के कपड़े आदि से कोई सीमेन आदि प्राथमिक पड़ताल में नहीं मिला। न ही प्राइवेट पार्ट पर कोई चोट आदि के निशान हैं।
सीएमओ की रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने बताया कि फिलहाल स्लाइड आदि जांच के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजी गईं हैं। उनमें अगर सीमने आदि की पुष्टि होती है, तो डीएनए जांच भी कराया जा सकता है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवार की तरफ से आशंका भी जताई गई थी कि रिपोर्ट में छेड़छाड़ हो सकती है। उसके बाद राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर जिला अस्पताल में भी आए थे, ताकि निष्पक्ष जांच हो। वहीं, अस्पताल में आई परिवार की महिला सदस्य ने मेडिकल जांच के दौरान बताया कि पीड़िता नहाकर आई है। ऐसे में कुछ सुबूत पानी से धुल भी गए हैं।
इसलिए अब लैब की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। इसमें करीब 15 दिन से ज्यादा का समय लग सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पीड़ित के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेज दिए गए हैं। उसी रिपोर्ट के आधार के बाद कुछ कहा जा सकता है।