निर्भया की मां ने कहा, चार साल बाद भी न्याय की राह देख रही मेरी बेटी
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मेरी बेटी आज भी इंसाफ की राह देख रही है, लेकिन चार वर्षों में न जानें कितनी निर्भया बेबस होकर समाज, कानून समेत सोसायटी से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल पूछ रही हैं। वसंत विहार गैंगरेप कहें या फिर निर्भया कांड लेकिन हम अपनी बेटी को श्रद्धाजंलि देते हुए शर्मिंदा होते हैं।
यह बात निर्भया की मां ने निर्भया चेतना दिवस (परिजनों द्वारा निर्भया नाम से बनाया गया एनजीओ) के मौके पर कही। राजधानी में लोगों ने 16 दिसंबर को निर्भया की चौथी बरसी पर अपने-अपने तरीके से उसे श्रद्धांजलि दी।
जंतर-मंतर में शुक्रवार को निर्भया चेतना दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सबसे पहले निर्भया को याद करते श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दो मिनट के मौन के साथ दिल्ली समेत देशभर में महिलाओं की सुरक्षा व हालात पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, बीजेपी सांसद उदित राज, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, सलमान खुर्शीद, वृंदा करात आदि ने अपने विचार रखे।
निर्भया के पिता का कहना था कि निर्भया की बरसी से पूर्व दक्षिणी दिल्ली में कार में रेप की घटना कई सवाल उठाती है। क्योंकि 16 दिसंबर से पहले पुलिस दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहती है, क्योंकि हर किसी की नजर निर्भया कांड के बाद बदली व्यवस्था पर होती है।
ऐसे में यह घटना दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। स्वाति ने कहा कि दिल्ली रेप कैपिटल बन चुकी है। लोग अपनी बेटियों को देर शाम घर से बाहर भेजते हुए डरते हैं। कार्यक्रम के अंत में एबीवीपी समेत निर्भया चेतना मंच की ओर दामिनी चौक तक कैंडल मार्च भी निकाला गया।
प्रति 1.7 मिनट में महिला अपराध की होती है शिकार
अखिल भारतीय महिला संयुक्त पार्टी ने समाज में उपेक्षित महिलाओं के प्रति अपराध को समाप्त करने की प्रतिज्ञा ली। पार्टी अध्यक्ष नसीम बानो ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, देश में प्रति 1.7 मिनट महिला अपराध की शिकार होती है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनकी पार्टी देशभर में जागरूकता की अलख जगाएगी।
वहीं कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में दिल्ली सरकार की ओर से दो नाटकों का मंचन किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी शामिल हुए। अस्मिता ग्रुप के कलाकारों की और से मंचित नाटकों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए सख्त कानून बनाने संग जल्द इंसाफ देने की मांग भी रखी गई।