निर्भया के दोषी मुकेश की याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार
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निर्भया के दोषी मुकेश की आखिरी याचिका सुनने को सुप्रीम कोर्ट राजी हो गया है। बता दें कि दोषी मुकेश कुमार सिंह ने राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका ठुकराने के फैसले को चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी।
बता दें कि मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि उसकी याचिका पर जल्द सुनवाई हो। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश के वकील से कहा कि वह शीर्ष अदालत के सक्षम अधिकारी के समक्ष सोमवार को ही याचिका का उल्लेख करें।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले के दोषी मुकेश की याचिका पर कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इससे (सुनवाई से) ज्यादा जरूरी कुछ नहीं हो सकता।
2012 Delhi gang-rape case: SC asks counsel of Mukesh,one of the convicts in the case, to approach SC Registry for urgent listing of his plea against rejection of mercy petition by the President.Bench headed by CJI says,if somebody is going to be executed on Feb1,it's top priority pic.twitter.com/kfIJebVuDn
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 27, 2020
शनिवार को डाली गई याचिका, ये है पूरा मामला
निर्भया मामले में दोषी फांसी से बचने के लिए रोज नए-नए दांव चल रहे हैं। अब एक दोषी मुकेश सिंह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दया याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देते हुए इसकी न्यायिक समीक्षा की मांग की है। ग्रोवर ने बताया कि यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दी गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के शत्रुघ्न चौहान मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया गया है।
शत्रुघ्न चौहान मामले का दिया गया है हवाला
ग्रोेवर ने कहा कि शत्रुघ्न चौहान प्रकरण में शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इन मानकों में ऐसे कैदी को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अनिवार्यता भी शामिल है।
उन्होंने कहा, 2014 के इस फैसले में कहा गया था कि जेल अधिकारियों के लिए ऐसे कैदी को हफ्ते भर में आवश्यक दस्तावेज की प्रतियां उपलब्ध कराना जरूरी है। वहीं, दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने दोषियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, दोषियों को दस्तावेज मुहैया कराने के लिए कोई दिशानिर्देश देने की जरूरत नहीं है।
दरअसल, याचिका में दोषियों के वकील एपी सिंह ने तिहाड़ जेल से दया याचिका दाखिल करने के लिए जरूरी कागजात देने की मांग कोर्ट से की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जज ने कहा, दोषियों के वकील जरूरी दस्तावेज, नोटबुक, पेंटिंग और स्केच तिहाड़ जेल प्रशासन से ले जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चारों दोषियों को डेथ वारंट के तहत एक फरवरी को फांसी की तारीख तय की गई है।