दिल्ली चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है निर्भया कांड, भाजपा और आप में आरोप-प्रत्यारोप तेज
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दिल्ली चुनाव में निर्भया कांड बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। भाजपा ने इस पर राजनीति तेज कर दी है और दोषियों के लिए अभी तक फांसी न लग पाने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को दोषी ठहराना शुरू कर दिया है। रविवार को भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, पार्टी की महिला नेता सरोज पांडेय, विजया रहाटकर और शाजिया इल्मी मीडिया के सामने आए और दोषिय़ों को फांसी में देर होने के लिए आम आदमी पार्टी को दोषी ठहराया।
पार्टी ने इस मामले में वकील इंदिरा जय सिंह को भी घेरे में लिया और कहा कि वे आम आदमी पार्टी की 'वफादार' रही हैं। आप सरकार के वकील के रूप में कई मामलों में पेश होकर लाखों रुपये का भुगतान पाती रही हैं। इसीलिए वे दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस पर अपना बचाव करने के लिए दिल्ली पुलिस अपने हाथ में न होने की बात कही है। आप सरकार में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उनके हाथ में होती तो वे दोषियों को तुरंत फांसी पर लटकाने की कोशिश करते। लेकिन दिल्ली पुलिस उनके हाथ में न होने से उनके हाथ बंधे हुए हैं।
क्यों मुद्दा बना रहे हैं राजनीतिक दल
भाजपा और आप दोनों ही इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस मामले पर निर्भया की मां आशा देवी ने जिस तरह का बयान दिया उससे यह मामला आप के खिलाफ जाता हुआ प्रतीत हुआ।
उन्होंने कहा कि जो लोग निर्भया की मौत के बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर न्याय की मांग कर रहे थे, वही लोग आज दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान को सीधे आम आदमी पार्टी से जोड़कर देखा गया। भाजपा ने भी इसे मुद्दा बनाने की खूब कोशिश की और पार्टी ने सवाल खड़ा किया कि आप ने मामले के एक दोषी के पुनर्वास में ज्यादा भूमिका निभाई जबकि दोषियों को फांसी देने में वह बार-बार व्यवधान पैदा कर रही है।
कांग्रेस भी पीछे नहीं
भाजपा और आप के अलावा कांग्रेस ने भी इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की। कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद ने एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा कि आशा देवी कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर रही हैं और वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ सकती हैं। इस खबर के वायरल होते ही आशा देवी का इनकार भी सामने आ गया लेकिन इससे कांग्रेस भी इसमें शामिल हो गई।
हालांकि, आशा देवी ने पूर्व में राहुल गांधी को कई बार इस बात के लिए धन्यवाद दिया है कि उनके कारण ही उनके बेटे की उच्च शिक्षा संभव हो पाई। उन्होंने माना है कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रुप से परिवार की बहुत मदद की है। उनके पूर्व के इन बयानों के ही कारण माना गया कि वे कांग्रेस से जुड़ सकती हैं। हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस से जुड़ने की बात को अफवाह करार दिया।
महिला सुरक्षा अहम
दरअसल, दिल्ली में महिला सुरक्षा बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। निर्भया और गुड़िया कांड के बाद लोगों ने सुरक्षा के मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को अपनी बड़ी प्राथमिकता बता रही है तो भाजपा भी महिलाओं का विकास अपना प्रमुख मुद्दा बता रही है।