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निर्भया के दोषियों को फांसी की हलचल के बीच बोली मां- 18 महीने बीत गए लेकिन...

Fri, 13 Dec 2019 10:23 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 13 Dec 2019 10:23 AM IST
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nirbhaya case her mother says we want justice earliest hang convicts as soon as possible
- फोटो : सोशल मीडिया

निर्भया की मां आशा देवी ने बृहस्पतिवार को बताया कि उसने केंद्र सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट से निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले दोषियों को तत्काल फांसी देने की मांग की है।

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निर्भया की मां का यह बयान सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें उसने एक दोषी अक्षय कुमार की दया याचिका की सुनवाई की तारीख 17 दिसंबर तय की है।
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आशा देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ढाई साल गुजर गए जबकि दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज हुए 18 महीने बीत गए हैं। मैंने केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि आरोपियों को तुरंत फांसी दे दी जाए।

'हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं...'

निर्भया की मां ने ये भी कहा कि अदालत को पुनर्विचार याचिका को सुनना चाहिए, लेकिन इस याचिका को पहले ही खारिज कर देना चाहिए था। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है सिवाय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकारने के।

हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं। कोर्ट को उनकी फांसी की तारीख की जल्द घोषणा कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के 2012 के उन वादों पर भी सवाल उठाए, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना व सीसीटीवी लगाने को कहा गया था, लेकिन वे अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।

उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक तो बन गए लेकिन कोई भी इनमें न्यायाधीशों की कमी होने की बात नहीं करता। 

निर्भया की वकील ने कहा- प्रक्रिया लटकाने के लिए लगाई याचिका

निर्भया की वकील ने कहा है कि इस मामले में मौत की सजा पाए एक दोषी ने प्रक्त्रिस्या को लटकाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। निर्भया की वकील सीमा कुशवाहा ने उम्मीद जताई कि कोर्ट इस याचिका को खारिज कर देगा। इस पुनर्विचार याचिका में कोई आधार नहीं है।

कुशवाहा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई 2017 को उनकी मौत की सजा बरकरार रखने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए उनके पास 30 दिन का समय था, लेकिन दो साल बीतने के बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर करने के देरी के आधार इसे खारिज कर देगा।

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