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यूपी: हज यात्रा के नाम पर नगर निगम में 94 लाख का घोटाला, डीएम की जांच में खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 08 Jul 2018 02:11 AM IST
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फाइल फोटो
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गाजियाबाद नगर निगम में हज यात्रा के नाम पर करीब 94 लाख रुपये ठिकाने लगाने का मामला पकड़ा गया है। डीएम रितु माहेश्वरी की तरफ से कराई गई जांच में खुलासा हुआ है कि निर्माण से पहले न कोई टेंडर हुआ और न ही किसी तरह की स्वीकृति ली गई।
सीडीओ रमेश रंजन की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय कमेटी ने जांच रिपोर्ट में कई सवाल उठाते हुए कार्रवाई की सिफारिश की है। उधर, जांच रिपोर्ट पर डीएम ने शासन से नगर निगम के तत्कालीन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
जांच में कहा गया है कि वर्ष 2016 में हज यात्रा का हवाला देकर आपातकालीन स्थिति बताते हुए कराए गए कार्य औचित्यपूर्ण नहीं थे, क्योंकि हज यात्रा की तिथि पहले से निर्धारित होती है और उसे आपातकालीन स्थिति नहीं माना जा सकता।
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रजापुर गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा ने मंडलायुक्त शिकायत की थी। मामले में गठित जांच कमेटी ने कई कमियां पकड़ीं। नगर निगम से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के हिसाब से हज व कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने की तिथि 4 अगस्त 2016 (सामान) थी।
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सीडीओ रमेश रंजन की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय कमेटी ने जांच रिपोर्ट में कई सवाल उठाते हुए कार्रवाई की सिफारिश की है। उधर, जांच रिपोर्ट पर डीएम ने शासन से नगर निगम के तत्कालीन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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जांच में कहा गया है कि वर्ष 2016 में हज यात्रा का हवाला देकर आपातकालीन स्थिति बताते हुए कराए गए कार्य औचित्यपूर्ण नहीं थे, क्योंकि हज यात्रा की तिथि पहले से निर्धारित होती है और उसे आपातकालीन स्थिति नहीं माना जा सकता।
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रजापुर गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा ने मंडलायुक्त शिकायत की थी। मामले में गठित जांच कमेटी ने कई कमियां पकड़ीं। नगर निगम से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के हिसाब से हज व कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने की तिथि 4 अगस्त 2016 (सामान) थी।
ऐसे में दोनों ही यात्राओं को लेकर पूर्व में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाती हैं, लेकिन तत्कालीन नगर निगम प्रशासन ने नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 117(6बी) का हवाला देकर आपातकालीन स्थिति दिखाई और बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के हज हाउस के पास सड़क चौड़ीकरण, शौचालय, अप्रोच रोड, बैरियर, बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया। कुल 13 कार्यों पर 93 लाख 82 हजार 548 रुपये खर्च किए गए।