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अन्नकूट पूजा पर वायु प्रदूषण, एनजीटी ने जिला प्रशासन को किया तलब, पूछा-क्या था वाहनों के लिए इतंजाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 05:22 AM IST
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प्रदूषण
- फोटो : self
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अन्नकूट पूजा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को न सिर्फ ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा बल्कि वाहनों के चलते वायु प्रदूषण का भी शिकार होना पड़ा। इसे देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मथुरा जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को तलब किया है।
पीठ ने अधिकारियों से पूछा है कि आखिर अन्नकूट पूजा के दौरान गिरिराज परिक्रमा मार्ग और गोवर्धन कस्बे में वाहनों की पार्किंग और और प्रदूषण को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। मामले पर अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान व अन्य के मामले की सुनवाई के दौरान आदेश दिया है कि मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक, मथुरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता 19 नवंबर को पेश हों।
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गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर चल रहे थे भारी वाहन
पीठ ने गौर किया है कि प्रशासन के दावे के उलट पूजा वाले दिन न सिर्फ गोवर्धन कस्बे में बल्कि गिरिराज परिक्रमा मार्ग में भारी वाहन चल रहे थे। साथ ही शहर में पार्किंग का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया था और न ही नियम-कानून का सख्ती से पालन करवाने के लिए कोई प्रशासनिक इंतजाम था।
पीठ ने कहा कि अन्नकूट पूजा के दौरान सभी मुख्य सड़कों पर वाहनों का जाम लगा था। अनियंत्रित कानून की तरह ट्रैफिक भी अनियंत्रित था। नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मी भी नहीं थे।
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पीठ ने अधिकारियों से पूछा है कि आखिर अन्नकूट पूजा के दौरान गिरिराज परिक्रमा मार्ग और गोवर्धन कस्बे में वाहनों की पार्किंग और और प्रदूषण को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। मामले पर अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
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जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान व अन्य के मामले की सुनवाई के दौरान आदेश दिया है कि मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक, मथुरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता 19 नवंबर को पेश हों।
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गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर चल रहे थे भारी वाहन
पीठ ने गौर किया है कि प्रशासन के दावे के उलट पूजा वाले दिन न सिर्फ गोवर्धन कस्बे में बल्कि गिरिराज परिक्रमा मार्ग में भारी वाहन चल रहे थे। साथ ही शहर में पार्किंग का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया था और न ही नियम-कानून का सख्ती से पालन करवाने के लिए कोई प्रशासनिक इंतजाम था।
पीठ ने कहा कि अन्नकूट पूजा के दौरान सभी मुख्य सड़कों पर वाहनों का जाम लगा था। अनियंत्रित कानून की तरह ट्रैफिक भी अनियंत्रित था। नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मी भी नहीं थे।
छह पार्किंग स्थल का दावा, जबकि बंद थी पार्किंग
सुनवाई के दौरान मथुरा विकास प्राधिकरण की ओर से पेश अधिकारी ने बताया कि शहर में कुल छह पार्किंग स्थल बनाए गए थे। वहीं, यू-ट्यूब के जरिए इन पार्किंग स्थलों को संचालित किया जा रहा था। वहीं, पीठ ने गौर किया कि संबंधित दावे के उलट सभी मीडिया ने इसके विपरीत रिपोर्ट प्रकाशित की है। पीठ ने कहा कि एक पार्किंग स्थल बंद था तो एक पार्किंग स्थल में वाहनों को आने की इजाजत ही नहीं थी।