500-1000 के पुराने रुपये चलाने के लिए लोगों ने अपनाया नया फंडा, सरकार को ही दे दिया धोखा
सफर नहीं छुट्टे के लिए खरीदे गए रेल के टिकट
-रेलवे बोर्ड ने लगाई रोक, दस हजार से अधिक की रकम ऑनलाइन भेजी जाएगी
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लोग इसलिए और परेशान थे कि 11 नवंबर की देररात 12 बजे के बाद 500-1000 रुपये के नोट से टिकट नहीं खरीदा जा सकेगा। खुद रेल अधिकारियों ने माना कि लोग छुट्टा कराने के चक्कर में दिल्ली, मथुरा और आगरा तक का टिकट खरीदने के लिए 500-500 के नोट दे रहे थे।
बता दें कि नौ नवंबर को ओल्ड और बल्लभगढ़ स्टेशनों से बड़ी संख्या में लोगों ने राजधानी और शताब्दी ट्रेनों का एसी फर्स्ट क्लास का टिकट बुक करवाया। कइयों ने तो 60 से 80 हजार रुपये तक के टिकट बुक कराए। रेलवे सूत्रों के मुताबिक कुछ यात्रियों ने ओल्ड स्टेशन से टिकट बुक कराया और बल्लभगढ़ में जाकर शाम को ही कैंसिल करा लिया।
यही सिलसिला एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में सुनने को मिला। इस बात की जानकारी होते ही रेलवे बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर दी कि काउंटर से लिए गए टिकटों की वापसी में 10 हजार तक ही रिफंड दिया जाएगा। उससे अधिक की धनराशि संबंधित यात्रियों के अकाउंट में भेजी जाएगी।
5 हजार से अधिक के टिकट पर पैनकार्ड अनिवार्य
रेलवे ने शिकंजा कसते हुए पांच हजार से अधिक राशि का टिकट बुक कराने वालों से फार्म के साथ पैनकार्ड की फोटो कॉपी लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस बाबत सभी आरक्षण केंद्रों पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। रेलवे अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिनों में रेलवे की आय बढ़ी है।
अकेले ओल्ड फरीदाबाद स्टेशन के आरक्षण काउंटर और टिकट बुकिंग सेंटर से दो दिन में 32 लाख से अधिक कलेक्शन हुआ है, जबकि बल्लभगढ़ स्टेशन से करीब 28 लाख की टिकट बिक्री हुई है। जबकि सामान्य दिनों में यह एक दिन का आंकड़ा 8 से 10 लाख रुपये के बीच होता है।