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तीन और रूटों पर मेट्रो ट्रेन दौड़ाने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 19 Oct 2014 10:43 AM IST
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दिल्ली के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का जाल बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। सेक्टर-62 और ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो विस्तार के लिए औपचारिक समझौता करने के बाद तीन अन्य रूटों पर मेट्रो दौड़ाने का ऐलान किया गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसको लेकर कवायद शुरू कर दी है।
मेट्रो का अगला पड़ाव सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-137 (नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे) के अलावा परिचौक से दनकौर तक होगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन तीनों प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने में जुट गए हैं। शनिवार को प्राधिकरण अधिकारियों ने इसकी घोषणा की। ग्रेनो वेस्ट में तैयार हो रहे एक लाख से ज्यादा आशियानों में जब तक लोग रहना शुरू करेंगे, तब तक मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी होगी। एक्सप्रेस-वे के साथ बस रहे नए सेक्टरों के लिए भी कुछ ऐसी ही तैयारी हो रही है।
सेक्टर-71 से ग्रेनो वेस्ट
नोएडा एक्सटेंशन को दो साल पहले मेट्रो का तोहफा देने की योजना बनी थी। एक्सटेंशन का नाम बदलकर ग्रेनो वेस्ट हो गया, लेकिन मेट्रो संचालन की योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई। अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मेट्रो विस्तार का फैसला लिया है। सेक्टर-71 से नोएडा एक्सटेंशन(ग्रेनो वेस्ट) तक करीब सात किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।
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महामाया से सेक्टर-137
आने वाले समय में दिल्ली से मेट्रो के जरिए सीधे एक्सप्रेस-वे से सटे सेक्टरों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। नोएडा प्राधिकरण मयूर विहार लाइन को सीधे एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना तैयार कर रहा है। महामाया फ्लाईओवर से एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-137 तक कॉरिडोर के निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर रूट की लंबाई और स्टेशनों की संख्या निर्धारित की जाएगी। इसके बाद इसकी भी डीपीआर तैयार होगी।
परीचौक से दनकौर
मेट्रो रेल सेवा का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे वाले प्रोजेक्ट और ग्रामीण आबादी को भी मिलेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस सिलसिले में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। परीचौक से यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे दनकौर तक (लाइट मेट्रो ट्रेन) चलाने की योजना के तहत सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए डीएमआरसी से सहयोग लिया जा रहा है। इस रूट की लंबाई तकरीबन 15 किलोमीटर होगी।
दनकौर के बाद एलएमटी का विस्तार यमुना एक्सप्रेस-वे तक करने की योजना है। इस 15 किलोमीटर के दायरे में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे आने वाले फार्मूला वन स्पोर्ट सिटी, यमुना शहर, करीब 20 बिल्डरों के प्रोजेक्ट और कई शैक्षिक संस्थाओं को सीधा लाभ होगा।
दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां मेट्रो का सबसे बड़ा नेटवर्क विकसित होगा। इस दिशा में नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
-रमा रमण, चेयरमैन-नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण।
शहरों के विकास पर पूरा जोर: अग्रवाल
केंद्रीय शहरी मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण विकास के साथ अब शहरों के विकास पर केंद्र सरकार का पूरा फोकस है। देश के 150 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए अर्बन रिन्यूवल प्लान में संसोधन किया गया है। पहले राज्य हर शहर की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से केंद्र की मदद लेते थे, लेकिन अब इस प्लान के अंतर्गत आने वाले शहरों की सभी जरूरतों और कमियों को एक साथ दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भी स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा।
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मेट्रो का अगला पड़ाव सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-137 (नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे) के अलावा परिचौक से दनकौर तक होगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन तीनों प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने में जुट गए हैं। शनिवार को प्राधिकरण अधिकारियों ने इसकी घोषणा की। ग्रेनो वेस्ट में तैयार हो रहे एक लाख से ज्यादा आशियानों में जब तक लोग रहना शुरू करेंगे, तब तक मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी होगी। एक्सप्रेस-वे के साथ बस रहे नए सेक्टरों के लिए भी कुछ ऐसी ही तैयारी हो रही है।
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सेक्टर-71 से ग्रेनो वेस्ट
नोएडा एक्सटेंशन को दो साल पहले मेट्रो का तोहफा देने की योजना बनी थी। एक्सटेंशन का नाम बदलकर ग्रेनो वेस्ट हो गया, लेकिन मेट्रो संचालन की योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई। अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मेट्रो विस्तार का फैसला लिया है। सेक्टर-71 से नोएडा एक्सटेंशन(ग्रेनो वेस्ट) तक करीब सात किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।
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महामाया से सेक्टर-137
आने वाले समय में दिल्ली से मेट्रो के जरिए सीधे एक्सप्रेस-वे से सटे सेक्टरों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। नोएडा प्राधिकरण मयूर विहार लाइन को सीधे एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना तैयार कर रहा है। महामाया फ्लाईओवर से एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-137 तक कॉरिडोर के निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर रूट की लंबाई और स्टेशनों की संख्या निर्धारित की जाएगी। इसके बाद इसकी भी डीपीआर तैयार होगी।
परीचौक से दनकौर
मेट्रो रेल सेवा का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे वाले प्रोजेक्ट और ग्रामीण आबादी को भी मिलेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस सिलसिले में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। परीचौक से यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे दनकौर तक (लाइट मेट्रो ट्रेन) चलाने की योजना के तहत सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए डीएमआरसी से सहयोग लिया जा रहा है। इस रूट की लंबाई तकरीबन 15 किलोमीटर होगी।
दनकौर के बाद एलएमटी का विस्तार यमुना एक्सप्रेस-वे तक करने की योजना है। इस 15 किलोमीटर के दायरे में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे आने वाले फार्मूला वन स्पोर्ट सिटी, यमुना शहर, करीब 20 बिल्डरों के प्रोजेक्ट और कई शैक्षिक संस्थाओं को सीधा लाभ होगा।
दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां मेट्रो का सबसे बड़ा नेटवर्क विकसित होगा। इस दिशा में नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
-रमा रमण, चेयरमैन-नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण।
शहरों के विकास पर पूरा जोर: अग्रवाल
केंद्रीय शहरी मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण विकास के साथ अब शहरों के विकास पर केंद्र सरकार का पूरा फोकस है। देश के 150 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए अर्बन रिन्यूवल प्लान में संसोधन किया गया है। पहले राज्य हर शहर की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से केंद्र की मदद लेते थे, लेकिन अब इस प्लान के अंतर्गत आने वाले शहरों की सभी जरूरतों और कमियों को एक साथ दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भी स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा।