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विवि में एडमिशन का बदल रहा पैटर्न: यूजी और पीजी में प्रवेश परीक्षा से दाखिला, तो पीएचडी में यूजीसी-नेट होगा जरूरी
Thu, 24 Feb 2022 01:28 PM IST
पूजा त्रिपाठी
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:28 PM IST
सार
नई शिक्षा नीति के तहत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट से होंगे। जबकि स्नातकोत्तर में इस वर्ष विश्वविद्यालयों को थोड़ी राहत दी जा रही है।
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फाइल फोटो
- फोटो : iStock
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विस्तार
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से अब स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिला संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट से ही मिलेगा। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में आगामी सत्र से दाखिले का पैटर्न बदलने जा रहा है।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा की पढ़ाई में गुणवत्ता, सभी को समान अवसर, हाई कटऑफ से निजात व सभी विश्वविद्यालयों के दाखिला आवेदन को सिंगल प्लेटफार्म से जोड़ना मकसद है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट से अनिवार्य होगा। जबकि इस साल स्नातकोत्तर प्रोग्राम में विश्वविद्यालयों को विकल्प मिलेगा। इसमें वे संयुक्त प्रवेश परीक्षा या विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा से दाखिला करवा सकेंगे।
सूत्रों के मुताबिक आगामी शैक्षणिक सत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले का नया पैटर्न होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जल्द ही स्नातक, स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले को लेकर अधिसूचना जारी करने वाला है। इसी को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हो चुकी है।
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नई शिक्षा नीति के तहत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट से होंगे। जबकि स्नातकोत्तर में इस वर्ष विश्वविद्यालयों को थोड़ी राहत दी जा रही है। इस साल वे अपनी प्रवेश परीक्षा से भी दाखिला कर सकेंगे। लेकिन अगले साल से एनटीए द्वारा आयोजित होने वाली संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा अनिवार्य होगी।
पीएचडी के लिए यूजीसी-नेट की अनिवार्यताः
सूत्रों के मुताबिक, पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला पैटर्न भी बदलने जा रहा है। अब पीएचडी दाखिले के लिए यूजीसी नेट की अनिवार्यता होने वाली है। फिलहाल अभी इस पर सरकार ने अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन तैयारी चल रही है। फिलहाल, विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा से पीएचडी में दाखिला देते हैं।
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नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा की पढ़ाई में गुणवत्ता, सभी को समान अवसर, हाई कटऑफ से निजात व सभी विश्वविद्यालयों के दाखिला आवेदन को सिंगल प्लेटफार्म से जोड़ना मकसद है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट से अनिवार्य होगा। जबकि इस साल स्नातकोत्तर प्रोग्राम में विश्वविद्यालयों को विकल्प मिलेगा। इसमें वे संयुक्त प्रवेश परीक्षा या विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा से दाखिला करवा सकेंगे।
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सूत्रों के मुताबिक आगामी शैक्षणिक सत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले का नया पैटर्न होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जल्द ही स्नातक, स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले को लेकर अधिसूचना जारी करने वाला है। इसी को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हो चुकी है।
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नई शिक्षा नीति के तहत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट से होंगे। जबकि स्नातकोत्तर में इस वर्ष विश्वविद्यालयों को थोड़ी राहत दी जा रही है। इस साल वे अपनी प्रवेश परीक्षा से भी दाखिला कर सकेंगे। लेकिन अगले साल से एनटीए द्वारा आयोजित होने वाली संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा अनिवार्य होगी।
पीएचडी के लिए यूजीसी-नेट की अनिवार्यताः
सूत्रों के मुताबिक, पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला पैटर्न भी बदलने जा रहा है। अब पीएचडी दाखिले के लिए यूजीसी नेट की अनिवार्यता होने वाली है। फिलहाल अभी इस पर सरकार ने अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन तैयारी चल रही है। फिलहाल, विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा से पीएचडी में दाखिला देते हैं।