नेहा के परिजनों ने उठाए सवाल: बोले- फीस देकर जिंदा बेटी भेजी, विवि प्रबंधन की लापरवाही से शव लेकर लौटना पड़ा
परिजनों का कहना हैं उन्होंने मोटी फीस देकर जिंदा बेटी पढ़ने के लिए भेजी थी, लेकिन विवि की लापरवाही से उन्हें उसका शव लेकर लौटना पड़ा। विवि प्रबंधन की लापरवाही ने उनकी बेटी छीन ली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दादरी के शिव नादर विवि में कानपुर की छात्रा नेहा चौरसिया की हत्या करने के बाद अमरोहा के छात्र अनुज के खुदकुशी करने की घटना को लेकर परिजनों ने विवि प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना हैं उन्होंने मोटी फीस देकर जिंदा बेटी पढ़ने के लिए भेजी थी, लेकिन विवि की लापरवाही से उन्हें उसका शव लेकर लौटना पड़ा। विवि प्रबंधन की लापरवाही ने उनकी बेटी छीन ली। उन्होंने विवि की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को नेहा के घर पर शांति पाठ कराया गया। परिजनों का कहना है कि मामले में पुलिस-प्रशासन विवि के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
शिव नादर विवि में गुरुवार को अमरोहा के बीए अंतिम वर्ष समाजशास्त्र के छात्र अनुज ने सहपाठी छात्रा नेहा चौरसिया को दोपहर 1:20 मिनट पर अवैध पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद आरोपी छात्र अनुज ने बॉयज हॉस्टल के कमरे में जाकर खुद भी गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि इससे पहले अनुज ने 23 मिनट का एक वीडियो बनाकर अपने साथियों व विवि प्रबंधन को ईमेल कर दिया था। इस मामले में छात्रा के चाचा अनिल चौरसिया का कहना है कि उन्हें विवि प्रबंधन की ओर से नेहा के साथ हादसे की सूचना मिली थी। जब वह यहां पहुंचे तब जाकर उन्हें पता चला कि नेहा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वह मांग करते हैं कि पुलिस प्रशासन एक कमेटी गठित करे और हत्या की जांच करे।
नेहा के ताऊ कृष्ण चौरसिया का कहना है कि कालेज प्रशासन अभिभावकों से मोटी फीस जमा कराता है। हम अपने बच्चों को भरोसा कर यहां छोड़कर गए। इसके बावजूद उनकी बेटी छीन ली गई। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस मामले को संज्ञान मेें लेकर विवि पर सख्त से सख्त कार्रवाई कराएं। परिजनों का कहना है कि नेहा के शांति पाठ आदि के बाद वह इस मामले में पुलिस-प्रशासन को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करेंगे और मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
लैपटॉप के पासवर्ड का लॉक खुलवाने का प्रयास
दादरी पुलिस का कहना है कि छात्र अनुज का लैपटॉप उन्हें घटना के तुरंत बाद ही मौके से पिस्टल के पास मिल गया था। पासवर्ड की जानकारी नहीं होने के कारण लैपटॉप की जांच नहीं हो पाई है। पासवर्ड का लॉक तुड़वाकर उसे खुलवाने का प्रयास किया जाएगा। उम्मीद है कि लैपटाॅप की जांच के बाद घटना से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां मिल सकती हैं। छात्र के ब्रेन कैंसर के दावे की भी लैपटॉप की जांच से पुष्टि होगी।
दो टीमें कर रहीं अवैध पिस्टल की जांच
पुलिस ने हत्या और आत्महत्या के मामले में केवल आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया है। पुलिस की दो टीमें पता लगाने का प्रयास कर रहीं हैं कि अनुज ने अवैध पिस्टल किससे खरीदा था। अब तक पुलिस के हाथ ठोस सुराग नहीं लगे हैं। मोबाइल व लैपटॉप की जांच से ही पुलिस अवैध पिस्टल की जानकारी हासिल करने की उम्मीद लगा रही है। एसीपी सार्थक सेंगर का कहना है कि छात्र अनुज कुमार ने पिस्टल कहां से और किससे लिया। अवैध पिस्टल विवि में कैसे पहुंची। इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सुरक्षा पर खड़े किए सवाल
शिव नादर विवि में छात्रा की हत्या की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर विवि प्रशासन और प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। अखिलेश यादव और परिजनों ने छात्रा नेहा को तीन गोलियां मारकर हत्या करने की बात कही है। जबकि पुलिस अब तक दो गोलियां मारने का दावा करती रही है। अखिलेश यादव के ट्वीट में लिखा है कि दिल्ली के निकट, उप्र के नोएडा की प्रतिष्ठित शिव नादर यूनिवर्सिटी में लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण तमंचे से तीन गोली मारकर एक छात्रा की हत्या दर्दनाक घटना है। प्रशासन ने भी उतनी ही लापरवाही बरती है। उप्र में शासनिक हिंसा ने नई ‘तमंचा संस्कृति’ को जन्म दिया है।