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CBSE: मूल्यांकन में लापरवाही अब स्कूलों पर पड़ेगी भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 03 Mar 2015 10:34 PM IST
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सीबीएसई की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही स्कूल पर भारी पड़ सकती है। बोर्ड के निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों व शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। बोर्ड ने इस बारे में स्कूलों व शिक्षकों को आगाह कर दिया है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि मूल्यांकन कार्य में शामिल किए जाने वाले शिक्षकों को अगर स्कूल नहीं भेजता है तो उस स्कूल का रिजल्ट रोक दिया जाएगा। साथ ही उस स्कूल की सीबीएसई से संबद्धता भी खत्म की जा सकती है।
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बोर्ड के अनुसार, अगर मूल्यांकन के लिए चुना गया शिक्षक तय तिथि व समय पर रिपोर्ट नहीं करता है तो उसके वार्षिक रिकॉर्ड में इसका उल्लेख किया जाएगा। हालांकि, जो शिक्षक मूल्यांकन कार्य में बेहतर तरीके से सहयोग करेगा उसके व्यक्तिगत रिकॉर्ड में इसे शामिल किया जाएगा। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा का आगाज 2 मार्च से हो चुका है। 12वीं में देशभर में करीब 10 लाख परीक्षार्थी बैठेंगे। ऐसे में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए हजारों शिक्षकों की टीम लगानी पड़ेगी।
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बार्ड को भुगतना पड़ता है खामियाजा
बोर्ड की ओर से स्कूलों के शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाए जाने के लिए नोटिस तो दे दिया जाता है लेकिन कई स्कूल शिक्षण कार्य में कमी नहीं होने देना चाहते। लिहाजा शिक्षकों को रिलीज नहीं करते। इसके अलावा शिक्षकों की कमी भी दूसरा पहलू होता है। ऐसे में मूल्यांकन कार्य अंतिम समय में प्रभावित होता है, जिसका खामियाजा बोर्ड को भुगतना पड़ता है।
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