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NEET PG 2024: पीजी मेडिकल प्रवेश के लिए केवल ऑनलाइन होगी काउंसलिंग, पहले से बतानी होगी फीस

Mon, 08 Jan 2024 08:01 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 08 Jan 2024 08:01 AM IST
सार

नए नियमों के अनुसार, कॉलेजों को हर पाठ्यक्रम के लिए शुल्क पहले से घोषित करना होगा। मेडिसिन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्य काउंसलिंग केवल संबंधित परीक्षाओं की योग्यता सूची के आधार पर होगी।

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NEET PG 2024 Colleges will have to declare the fees for each course in advance
NEET PG (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media

विस्तार

स्नातकोत्तर मेडिकल प्रवेश के लिए काउंसलिंग अब केवल ऑनलाइन मोड में होगी और कॉलेजों को प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए शुल्क पहले से घोषित करना होगा। साथ ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने कहा है कि कोई भी कॉलेज खुद अपने से उम्मीदवारों को प्रवेश नहीं देगा।

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चिकित्सा शिक्षा नियामक एनएमसी ने हाल ही में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा विनियम, 2023 को अधिसूचित किया है। इसके अनुसार, सभी पीजी सीटों के लिए सभी दौर की काउंसलिंग राज्य या केंद्रीय परामर्श अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन मोड पर आयोजित की जाएगी। नए नियमों में कहा गया है कि सभी मेडिकल संस्थानों के लिए मेडिसिन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्य काउंसलिंग केवल संबंधित परीक्षाओं की योग्यता सूची के आधार पर होगी।
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इसमें कहा गया है कि सभी सीटों के लिए सभी राउंड की काउंसलिंग राज्य या केंद्रीय काउंसलिंग प्राधिकरण द्वारा ऑनलाइन मोड पर आयोजित की जाएगी और कोई भी मेडिकल कॉलेज/संस्थान स्वयं किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं देगा।
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नए नियमों में कहा गया है कि सीट मैट्रिक्स में विवरण दर्ज करते समय, मेडिकल कॉलेजों को प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए फीस की राशि का उल्लेख करना होगा, ऐसा न करने पर सीट की गणना नहीं की जाएगी। एनएमसी के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. विजय ओझा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में कुछ बदलाव भी पेश किए गए हैं जिनमें रचनात्मक मूल्यांकन और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में बहुविकल्पीय प्रश्नों का विकल्प शामिल है।


इसका उद्देश्य परीक्षा में निष्पक्षता लाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों से तालमेल बिठाना है। छात्रों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए इसके कार्यान्वयन की सुविधा के लिए जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम (डीआरपी) में एक और बदलाव किया गया है। पहले जिला अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में परिभाषित किया गया था।

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