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Delhi NCR News: म्यांमार की चार साल की बच्ची की गर्दन का टेढ़ापन सर्जरी से ठीक
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जन्म से गर्दन एक तरफ झुकी रहती थी, डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर सिर और गर्दन को सामान्य स्थिति में लाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। म्यांमार की चार वर्षीय बच्ची बेबी विंट यदानार आंग को दिल्ली में सर्जरी के बाद गर्दन के टेढ़ेपन से राहत मिली है। साकेत स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के जरिए उसकी गर्दन को सामान्य स्थिति में लाने में सफलता हासिल की। दस दिन तक स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद बच्ची अपने परिवार के साथ म्यांमार लौट गई।
बच्ची जन्मजात टॉर्टिकॉलिस से पीड़ित थी। इस बीमारी में गर्दन की एक मांसपेशी छोटी या कसी हुई होने के कारण सिर एक तरफ झुक जाता है और ठोड़ी दूसरी तरफ मुड़ जाती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर चेहरे की बनावट भी प्रभावित हो सकती है।
मांसपेशी का खिंचाव किया कम
अस्पताल की चिकित्सा टीम ने मई 2026 में म्यांमार दौरे के दौरान बच्ची की जांच की थी। इसके बाद परिवार ने दिल्ली में विशेषज्ञों से सलाह ली। अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. सुनील चौधरी ने मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा कर उपचार के विकल्प बताए। जांच में बच्ची की गर्दन के दायीं ओर की मांसपेशी कसी हुई मिली। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मांसपेशी के ऊपरी और निचले दोनों जुड़ावों को मुक्त किया। इससे खिंचाव कम हुआ और गर्दन सामान्य स्थिति में आ गई। उपचार के बाद बच्ची की हालत में सुधार हुआ।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। म्यांमार की चार वर्षीय बच्ची बेबी विंट यदानार आंग को दिल्ली में सर्जरी के बाद गर्दन के टेढ़ेपन से राहत मिली है। साकेत स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के जरिए उसकी गर्दन को सामान्य स्थिति में लाने में सफलता हासिल की। दस दिन तक स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद बच्ची अपने परिवार के साथ म्यांमार लौट गई।
बच्ची जन्मजात टॉर्टिकॉलिस से पीड़ित थी। इस बीमारी में गर्दन की एक मांसपेशी छोटी या कसी हुई होने के कारण सिर एक तरफ झुक जाता है और ठोड़ी दूसरी तरफ मुड़ जाती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर चेहरे की बनावट भी प्रभावित हो सकती है।
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मांसपेशी का खिंचाव किया कम
अस्पताल की चिकित्सा टीम ने मई 2026 में म्यांमार दौरे के दौरान बच्ची की जांच की थी। इसके बाद परिवार ने दिल्ली में विशेषज्ञों से सलाह ली। अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. सुनील चौधरी ने मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा कर उपचार के विकल्प बताए। जांच में बच्ची की गर्दन के दायीं ओर की मांसपेशी कसी हुई मिली। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मांसपेशी के ऊपरी और निचले दोनों जुड़ावों को मुक्त किया। इससे खिंचाव कम हुआ और गर्दन सामान्य स्थिति में आ गई। उपचार के बाद बच्ची की हालत में सुधार हुआ।
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