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NCERT ने अक्साई चिन को दिखाया विवादित क्षेत्र, विवाद के बाद किया बदलने का फैसला

Sun, 14 May 2017 09:29 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 May 2017 09:29 AM IST
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NCERT clarified map which depicted Aksai Chin as disputed area, replace it soon from textbook
मैप को जल्द बदलेगा एनसीईआरटी।

राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने12वीं कक्षा के राजनीति विज्ञान की किताब में पूर्वी और दक्षिणी पूर्वी एशिया के मैप को बदलने का निर्णय लिया है। इस किताब में अक्साई चिन को विवादित क्षेत्र बताया गया है।

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मैप को लेकर ऑनलाइन मीडिया के आपत्ति जताए जाने के बाद एनसीईआरटी ने ये फैसला लिया है। ऑनलाइन मीडिया ने ये आपत्ति दर्ज करते हुए कहा था कि अक्साई चिन चीन का हिस्सा है। जबकि किताब में कहा गया है कि भारत अक्साई चिन पर दावा पेश कर रहा है। 
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12वीं की इस किताब का नाम समकालीन विश्व राजनीति है। इसका पहला प्रकाशन वर्ष 2007 में हुआ था। बाद में इसका पुनर्मुद्रण हुआ। इसमें एक मैप में अक्साई चिन को हूबहू उसी पीले रंग में दिखाया गया है, जिसमें चीन को दिखाया गया है। 
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यह मैप टेक्सास विश्वविद्यालय पुस्तकालय से साभार उठाया गया है। इसका इस्तेमाल दक्षिण पूर्वी एशिया को वैकल्पिक सत्ता केंद्र के रूप में चित्रित करने में किया गया है। 

एनसीईआरटी के मुताबिक, यह किताब विश्व में शीत युद्ध की शुरुआत के बाद के प्रमुख राजनीतिक घटनाओं पर प्रकाश डालती है। इसका चौथा अध्याय 'शक्ति के वैकल्पिक केंद्र' यूरोपियियन यूनियन, आसियान और चीन पर केंद्रित है। पेज नंबर 56 पर जो मैप दिखाया गया है, वो भारत का मैप नहीं है। यह पूर्वी और दक्षिणी पूर्वी एशिया का मैप है।

इस अध्याय के आखिर में भारत-चीन रिश्ते नाम से एक विषय है, जिसमें ये कहा गया है कि भारत अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन पर अपना दावा पेश कर रहा है। हालांकि,  एनसीईआरटी ने इस मैप को बदलने का फैसला लिया है।

बता दें कि भारत के मैप में इस तरह के मिथ्या निरूपण को रोकने के लिए ही केंद्र सरकार ने बीते साल भूस्थानिक सूचना नियमन विधेयक 2016 लाने का प्रस्ताव किया था। इसमें दस लाख रुपये से लेकर 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और सात साल तक की कैद का प्रावधान था।


इसमें साफ कहा गया है कि यदि कोई भी भारत का ऐसा मैप तैयार करता है, जो सर्वे ऑफ इंडिया से तैयार मैप से मेल नहीं खाता, तो उसे छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ेगा। 

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