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नवजोत सिद्धू के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने की चर्चा, प्रियंका गांधी की पहली पसंद
Wed, 31 Jul 2019 08:29 PM IST
शाहरुख खान
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 31 Jul 2019 08:29 PM IST
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फाइल फोटो
शीला दीक्षित के देहावसान के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष पद खाली है। संभावना जताई जा रही है कि पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल सकते हैं। सिख समुदाय के एक मजबूत चेहरे के रुप में नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी को दिल्ली में मजबूत करने में बड़ी मदद कर सकते हैं।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए शत्रुघ्न सिंहा और आरपीएन सिंह के नामों की भी चर्चा है, लेकिन प्रियंका गांधी की पसंद होने के नाते नवजोत सिंह सिद्धू की इस पद पर दावेदारी ज्यादा मजबूत बताई जा रही है।
दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की राजनीति में इस समय हासिये पर हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल से वे इस्तीफा दे चुके हैं और कैप्टन भी अपने खेमे में उनकी वापसी पर बहुत सकारात्मक नहीं हैं।
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यही वजह है कि पार्टी उनके लिए एक दूसरी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है और यह जिम्मेदारी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रुप में पूरी हो सकती है।
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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए शत्रुघ्न सिंहा और आरपीएन सिंह के नामों की भी चर्चा है, लेकिन प्रियंका गांधी की पसंद होने के नाते नवजोत सिंह सिद्धू की इस पद पर दावेदारी ज्यादा मजबूत बताई जा रही है।
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दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की राजनीति में इस समय हासिये पर हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल से वे इस्तीफा दे चुके हैं और कैप्टन भी अपने खेमे में उनकी वापसी पर बहुत सकारात्मक नहीं हैं।
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यही वजह है कि पार्टी उनके लिए एक दूसरी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है और यह जिम्मेदारी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रुप में पूरी हो सकती है।
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शीला दीक्षित के कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने के बाद पार्टी ने दिल्ली की राजनीति में तेजी से वापसी की थी। लोकसभा चुनाव में कोई सीट न जीतने के बाद भी उसका प्रदर्शन विधानसभा चुनाव के लिहाज से बहुत सुधरा था।
पार्टी के लिए सबसे ज्यादा संतोषजनक बात यह थी कि उसने अपने पुराने वोटबैंक को अपने साथ जोड़ने में दुबारा सफलता पाई। यहां तक कि उसने आम आदमी पार्टी को दिल्ली की सातों सीटों पर तीसरे स्थान पर धकेल दिया। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली में मिली इस बढ़त को गंवाना नहीं चाहता।
वहीं, दिल्ली प्रदेश की बात की जाए तो इस समय उसके लिए एक मजबूत चेहरे की कमी महसूस की जा रही है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन स्वास्थ्य कारणों से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं और दुबारा इसी जिम्मेदारी को संभालने के इच्छुक नहीं हैं।
उनके पहले अध्यक्ष रहे अरविंदर सिंह लवली फिलहाल प्रदेश की राजनीति में उतने प्रभावी नहीं हैं। यही कारण है कि पार्टी किसी पैराशूट नेता को दिल्ली में लाकर पार्टी को आगे बढ़ाना चाहती है।
पार्टी के लिए सबसे ज्यादा संतोषजनक बात यह थी कि उसने अपने पुराने वोटबैंक को अपने साथ जोड़ने में दुबारा सफलता पाई। यहां तक कि उसने आम आदमी पार्टी को दिल्ली की सातों सीटों पर तीसरे स्थान पर धकेल दिया। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली में मिली इस बढ़त को गंवाना नहीं चाहता।
वहीं, दिल्ली प्रदेश की बात की जाए तो इस समय उसके लिए एक मजबूत चेहरे की कमी महसूस की जा रही है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन स्वास्थ्य कारणों से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं और दुबारा इसी जिम्मेदारी को संभालने के इच्छुक नहीं हैं।
उनके पहले अध्यक्ष रहे अरविंदर सिंह लवली फिलहाल प्रदेश की राजनीति में उतने प्रभावी नहीं हैं। यही कारण है कि पार्टी किसी पैराशूट नेता को दिल्ली में लाकर पार्टी को आगे बढ़ाना चाहती है।